श्रीलंका में एक बुजुर्ग केयर सेंटर में भीषण आग लगने से 12 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में सेंटर के डायरेक्टर को हिरासत में लिया है।
श्रीलंका के पश्चिमी प्रांत में बुजुर्गों के एक बेहद लोकप्रिय केयर सेंटर में भीषण आग लगने से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय पुलिस द्वारा गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, होराना के अंगुरूवाटोटा इलाके में स्थित इस सेंटर में बुधवार देर शाम अचानक आग की लपटें उठीं, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
मदद के लिए आगे आई श्रीलंका आर्मी
घटना के समय सेंटर में कुल 71 लोग मौजूद थे।. आग लगने के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया, जिसमें श्रीलंका आर्मी के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बचाव दल ने अपनी सूझबूझ से 44 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि सात लोग झुलसने के कारण घायल हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से छह की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज होराना बेस अस्पताल में चल रहा है। हालांकि, अभी भी तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय था ‘सेनेहासे केडेला’
यह बुजुर्ग केयर सेंटर, जिसे ‘सेनेहासे केडेला’ के नाम से जाना जाता है, सोशल मीडिया पर अपनी एक खास पहचान रखता था।. यहां रहने वाले बुजुर्गों की रोजमर्रा की जिंदगी, उनके जन्मदिन का जश्न और त्योहारों की खुशियों के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाते थे।
इन वीडियो के कारण यहां रहने वाले कई बुजुर्ग सोशल मीडिया यूजर्स के लिए जाने-पहचाने चेहरे बन गए थे। स्टाफ और बुजुर्गों के बीच के भावनात्मक पलों ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था, जिससे इस हादसे की खबर ने लोगों को गहरे शोक में डाल दिया है।
प्रशासनिक कार्रवाई
इस घटना के बाद प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। होराना मजिस्ट्रेट लक्ष्मीनी विदानागमागे ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी गई है।. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केयर सेंटर के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है और होराना मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें 11 जून तक रिमांड पर भेज दिया है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
जीवित बचे लोगों का पुनर्वास
आग में बाल-बाल बचे करीब 50 लोगों को बुधवार रात अस्थाई तौर पर बटागोडा जूनियर स्कूल में ठहराया गया था। इसके बाद, सेना की मदद से इन सभी लोगों को गलापाथा में स्थित सेंटर की दूसरी सुरक्षित ब्रांच में स्थानांतरित कर दिया गया है। अंगुरूवाटोटा पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं यह घटना किसी बड़ी सुरक्षा चूक का परिणाम तो नहीं थी।
