नौढ़िया बाजार में आग,लाखों के नुकसान की आशंका

सिंगरौली। ब्लॉक मुख्यालय देवसर के नौढ़िया बाजार में आज गुरुवार की सुबह करीब साढ़े 9 बजे घरेलू गैस सिलेंडर से लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। अचानक हुए सिलेंडर विस्फोट के बाद उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की करीब पांच दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। व्यापारियों के अनुसार आग से लाखों रुपये की संपत्ति, सामान एवं नकदी जलकर नष्ट होने की आशंका है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक दुकान में रखे घरेलू गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैलती चली गई। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया। बाजार में मौजूद दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक नियंत्रण पाया जा सका। घटना के दौरान सबसे बड़ी समस्या फायर बिग्रेड की अनुपलब्धता रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंच जाता तो नुकसान काफी कम हो सकता था। बताया गया कि हिंडालको से फायर ब्रिगेड वाहन बुलाया गया, लेकिन उसके पहुंचने तक आग कई दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा चुकी थी। व्यापारियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड तब पहुंची है, जब स्थानीय नागरिकों ने पूरी ताकत के साथ आग बुझाने में लग गये थे और आग पर काबू पाने के बाद फायर ब्रिगेड पहुंंची थी।

घटनास्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधि व अधिकारी

जानकारी के अनुसार घरेलू गैस पाइप फटने से नौढ़िया बाजार के दुकानदार अनिल गुप्ता, सीता राम के होटल, सियाराम चाय दुकान समेत आसपास के करीब पॉच दुकानें आग के चपेट में आ गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही जियावन थाना प्रभारी के साथ-साथ तहसीलदार एवं समाजसेवी पूर्व जिला सदस्य घनश्याम पाठक समेत स्थानीय व्यापारी एवं हीरामणि प्रजापति, उमेश त्रिवेणी समेत सरपंच राजमणि सहित अन्य ने आग बुझाने में भरपूर सहयोग किया। इस दौरान लोगबाग देवसर के लचर व्यवस्था को लेकर कोसते रहे और कहा कि यहां लम्बे अर्से से फायर ब्रिगेड की मांग करते आ रहे हैं। परंतु अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ध्यान नही दे रहे हैं। जबकि डीएमएफ फण्ड पर्याप्त है, इसके बावजूद तहसील ब्लॉक मुख्यालयों में फायर ब्रिगेड का अकाल पड़ा हुआ है।

देवसर-चितरंगी में फायर ब्रिगेड का है अकाल

इस घटना के बाद देवसर में स्थायी फायर ब्रिगेड व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि देवसर में तहसील, जनपद, थाना, एसडीओपी, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय संचालित हैं, फिर भी आज तक यहां स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं की गई। यही स्थिति चितरंगी तहसील की भी है, जहां अब तक अग्निशमन वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है। लोगों का कहना है कि यदि देवसर में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था होती और वाहन समय पर पहुंचता तो नुकसान का दायरा काफी कम हो सकता था। सूचना मिलने पर तहसीलदार, पुलिस प्रशासन एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच के साथ-साथ नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। घटना के कारण कुछ समय तक मुख्य मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए देवसर और चितरंगी में तत्काल स्थायी फायर ब्रिगेड केंद्र स्थापित किए जाएं।

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