
जबलपुर। सीबीआई विशेष न्यायालय ने कोयला घोटाला में एसईसीएल के चार कर्मचारियों को दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया है। सीबीआई विशेष न्यायालय के न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता ने दो आरोपियों को चार-चार साल तथा दो आरोपियों को एक-एक साल की सजा से दंडित किया है। विशेष न्यायालय ने चारों आरोपियों को दो लाख 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से भी दंडित किया है।
सीबीआई की न्यायालय को बताया कि एसईसीएल हसदेव एरिया के अंतर्गत बहेराबन्द भूमिगत खदान जिला अनूपपुर में कोयले के स्टॉक में घोटाले के संबंध में सीबीआई को जानकारी मिली थी। एसईसीएल बिलासपुर के सतर्कता विभाग एवं सीबीआई जबलपुर के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा सितम्बर 2009 को बहेराबन्द भूमिगत खान के अनुमोदित कोल स्टॉक यार्ड में कोयले की उपलब्ध मात्रा की जांच करने संयुक्त निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में बहेराबन्द कोल स्टॉक यार्ड में बुक स्टॉक की तुलना में लगभग 11382 मीट्रिक टन कोल की मात्रा कम पाई गई थी।
सीबीआई जबलपुर ने कोयला घोटाला मामले में एसईसीएल के कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। सीबीआई ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। विशेष न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किये गये साक्ष्य व गवाहों के आधार पर चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी ए के गोस्वामी एवं आर एल प्रसाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 409 तथा निवारण अधिनियम के अंतर्गत अधिकतम 4 साल के कठोर कारावास तथा 1 लाख 15 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। न्यायालय में प्रकरण में सह आरोपी एम एम शर्मा एवं आर डी दिवान को धारा 218 व 34 के तहत दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये के जुर्माना से दण्डित किया गया है। सीबीआई की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता संजय उपाध्याय ने पैरवी की।
