
जबलपुर। शहर में गुरूवार को सुबह से ही मौसम के कई रंग देखने को मिले। सुबह की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई, तीखी धूप और उमस ने लोगों को बेहाल किया, वहीं दोपहर होते-होते मौसम ने अचानक करवट बदल ली। आसमान में सूरज और बादलों के बीच आंख-मिचौली का खेल शुरू हो गया। शाम ढलने से पहले ही काले बादलों ने शहर पर डेरा डाल दिया। तेज ठंडी हवाओं के चलने के साथ ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे तपती गर्मी से परेशान नागरिकों को बड़ी राहत मिली। शाम को हुई इस बारिश से देखते ही देखते शहर की सडक़ें और चौक-चौराहे पानी से तर-बतर हो गए। 7.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बीते चौबीस घंटे के लिए गरज चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है।
मौसम विभाग की माने तो दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरूवार को को दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष भागों, पश्चिम-मध्य एवं पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ भागों, संपूर्ण लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल एवं माहे, कर्नाटक के कुछ भागों, तमिलनाडु, कोमोरिन क्षेत्र के शेष भागों, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी एवं दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य एवं उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों में आगे बढ़ गया है। आगामी 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और भागों में आगे बढऩे के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। जिसके असर से शहर भी गरज चमक के साथ बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
कई इलाकों में बिजली गुल
मौसम बदलने और तेज हवाएं चलने का असर शहर की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। हवा और बारिश के शुरू होते ही अधारताल, गोहलपुर, घमापुर, रसल चौक, नेपियर टाउन, आनंद नगर, बेलबाग, हनुमानताल समेत कईक्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग की टीमें फॉल्ट सुधारने और आपूर्ति बहाल करने के काम में जुट गई थी।
ऐसा रहा तापमान-
गुरूवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री पर पहुंच गया जो सामा न्य से 1 डिग्री कम रहा। सुबह के वक्त आद्रता 51 और शाम को 83 प्रतिशत दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिमी हवाएं 7 से 8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली ।
ये सिस्टम है सक्रिय
मौसम विभाग की माने तो एक पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर पाकिस्तान एवं उससे सटे क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी के बीच ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के रूप में स्थित है। एक प्रेरित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण, मध्य पाकिस्तान एवं उससे सटे क्षेत्रों पर समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत है। एक द्रफ, मध्य पाकिस्तान एवं उससे सटे क्षेत्रों पर स्थित प्रेरित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिण-पूर्व अरब सागर तक समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैली हुई है। मध्य उत्तर प्रदेश एवं उससे सटे क्षेत्रों पर समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
