मोदी शासन में शिक्षा व्यवस्था हुई बर्बाद, आकांक्षा की मौत इसी विफलता का परिणाम : राहुल

नयी दिल्ली, 04 जून (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा गड़बड़ी के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाली आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था का परिणाम है।

श्री गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। उसके पिता किसान हैं, जिन्होंने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये का कर्ज लिया और नागपुर में रसोइए की नौकरी की, ताकि वह कोचिंग कर सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि एक पिता ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया, लेकिन नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद पैदा हुई अनिश्चितता के बीच आकांक्षा हमें छोड़कर चली गई।

श्री गांधी ने आरोप लगाया कि यह केवल एक छात्रा की त्रासदी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब भी पद पर बने हुए हैं और सरकार की ओर से केवल समितियां गठित करने, अधिकारियों के तबादले करने तथा जांच की घोषणा करने तक ही कार्रवाई सीमित है।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस स्थिति में पहुंचाया गया है, उसकी कीमत देश की पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले परीक्षा विवादों, पेपर लीक और प्रशासनिक अव्यवस्था ने छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

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