
भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने बुधवार को किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें किसानों की वास्तविक परेशानियों को दूर करने के बजाय केवल प्रचार आधारित अभियानों में व्यस्त हैं।
भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुणाल चौधरी ने निमाड़ क्षेत्र में हाल ही में आए आंधी-तूफान से हुई तबाही के वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जिलों के कई गांवों में केले की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। शाहपुरा, खापा, धमनगांव, लोनी, बहादुरगढ़, बोलाना और दरियापुर सहित अनेक गांवों में तेज हवाओं के कारण केले के बागान धराशायी हो गए, जिससे किसानों को 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
उन्होंने रायसेन में शुरू किए गए “खेत बचाओ अभियान” की आलोचना करते हुए कहा कि मिट्टी पूजन और प्रतीकात्मक कार्यक्रम किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, सस्ती खाद, पर्याप्त बिजली, सिंचाई सुविधाएं और बढ़ते कर्ज से राहत की आवश्यकता है।
कुणाल चौधरी ने प्रदेश में केले की फसल के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना नहीं होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय कृषि मंत्री के संसद में दिए गए उत्तर से स्पष्ट है कि वर्तमान और पूर्ववर्ती राज्य सरकारों ने किसानों को इस बीमा का लाभ दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की।
उन्होंने राज्य सरकार की ऑनलाइन खाद वितरण और ई-टोकन व्यवस्था को भी किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा कई बार उन्हें खाद प्राप्त करने के लिए फसल संबंधी जानकारी बदलनी पड़ती है, जिससे बीमा और अन्य योजनाओं की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस नेता ने फसल क्षति के सर्वेक्षण और मुआवजा व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताते हुए आरोप लगाया कि केले की फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने तत्काल 150 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज, मौसम आधारित फसल बीमा का विस्तार, सहकारी समितियों के कृषि ऋणों की माफी, गेहूं बोनस का भुगतान तथा वर्तमान खाद वितरण व्यवस्था समाप्त करने की मांग की।
कुणाल चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
