
जबलपुर। बेगमगंज सीड प्रोड्यूसर लिमिटेड कंपनी ने जमकर फर्जीवाड़ा किया। किसानों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, कर्मचारियों की फर्जी नियुक्तियां करने के साथ भारी गड़बड़झाला किया और शासन को 39,67,781 की आर्थिक चपत लगाई है। पाटन पुलिस ने 6 डायरेक्टर, 3 कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस ने बताया कि किसान मजदूर महासंघ जबलपुर के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर की शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जांच टीम की रिपोर्ट में कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आया। कंपनी के डायरेक्टरों ने प्रबंधक मनीष चौरसिया, कंप्यूटर ऑपरेटर नीलेश विश्वकर्मा और अकाउंटेंट कमलेश साहू के नाम पर दो अलग-अलग तारीखों 20 फरवरी 2023 और 1 दिसम्बर 2022 में नियुक्ति आदेश जारी किए। इन दोनों आदेशों पर अलग-अलग संचालकों के हस्ताक्षर थे, लेकिन कंपनी के रिकॉर्ड में इस नियुक्ति से जुड़ा कोई प्रस्ताव या निर्णय का दस्तावेज मिला ही नहीं।
बैंक खाते में भी फर्जीवाड़ा
उपार्जन कार्य के दैनिक खर्चों के लिए नियमों के तहत कंपनी के खाते में 50 लाख की राशि या क्रेडिट लिमिट होना अनिवार्य है। कंपनी ने इसके लिए बैंक का एक खाता नंबर जमा किया था। जांच में पता चला कि वह खाता नंबर बेगमगंज सीड प्रोड्यूसर लिमिटेड का है ही नहीं।
अज्ञात किसानों की फर्जी सूची, नंबरों पर संपर्क करने पर खुली पोल
जांच में कंपनी ने किसानों की जो सूची सौंपी थी, उसमें भारी लापरवाही मिली। सूची में शामिल किसानों के नाम के आगे न तो उनका पता जिला, तहसील या ग्राम लिखा था और न ही उनके द्वारा जमा किए गए शेयर की जानकारी थी। जांच दल के सदस्यों ने जब सूची में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया, तो फोन उठाने वाले लोगों ने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे बेगमगंज कंपनी के सदस्य नहीं हैं और न ही इस बारे में कुछ जानते हैं।
डायरेक्टर ने साथियों के साथ रची साजिश
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ग्राम उड़ना पाटन निवासी संदीप दुबे ने अपने साथी डायरेक्टरों और कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। इन लोगों ने प्रासंगिक व्यय, हैंडलिंग और कमीशन पत्रक के माध्यम से कुल 39,67,781 की राशि का अवैध रूप से भुगतान प्राप्त कर लिया। पाटन पुलिस ने बेगमगज सीड पोड्यूसर लिमिटेड कंपनी के 6 डायरेक्टर सचिन दुबे, रंजना पांडे, संदीप दुबे , अंशुल बर्मन, नेहा पांडे , उमा सिंह एवं कंपनी में कार्यरत कर्मचारी मनीष चौरसिया, कमलेश साहू, नीलेश विश्वकर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
