मुंबई | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में पर्याप्त निवेश न होने के कारण भारतीय शेयर बाजार ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से काफी पीछे छूट गया है। मशहूर बैंकर उदय कोटक ने देश की कंपनियों को गंभीर चेतावनी दी है कि वे अब अन्य गतिविधियों को छोड़कर पूरी तरह से बिजनेस और एआई निवेश पर अपना ध्यान केंद्रित करें। कोटक का मानना है कि यदि भारत ने एआई बुनियादी ढांचे में तत्काल भारी निवेश नहीं किया, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में पिछड़ना तय है।
तकनीकी निवेश और बाजार की चुनौतियां
गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं, जबकि भारतीय बाजार इस साल भारी गिरावट और विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी से जूझ रहा है। इस वर्ष विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से लगभग 24 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके विपरीत, एआई शेयरों की बदौलत ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में क्रमशः 58% और 88% की प्रभावशाली तेजी दर्ज की गई है, जो एआई के महत्व को दर्शाती है।
कॉर्पोरेट जगत के लिए वेक-अप कॉल
उदय कोटक की यह चेतावनी भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए भविष्य की तैयारी का एक बड़ा ‘वेक-अप कॉल’ है। कोटक के अनुसार, ताइवान और कोरिया की इक्विटी वैल्यू में हुआ उछाल यह साबित करता है कि भविष्य एआई-आधारित अर्थव्यवस्था का ही है। भारत के लिए अब समय आ गया है कि वह अपनी रणनीतियों को बदले और एआई तकनीक में निवेश को प्राथमिकता दे, ताकि वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को पुनः मजबूत किया जा सके।

