इंदौर: मेट्रो रेल का अंडर ग्राउंड लाइन का टेंडर एमपी मेट्रो इस महीने जारी कर सकता है. टेंडर की तैयारियां हो चुकी है. इसके बाद मेट्रो येलो लाइन की करीब 31 किलोमीटर लंबी लाइन की रिंग पूरी हो जाएगी. टेंडर में दो स्टेशन का निर्माण भी शामिल है. यह बात अलग है कि एलिवेटेड लाइन की बजाय अंडर ग्राउंड लाइन में करीब 9 सौ करोड़ रुपए ज्यादा लागत वहन करना पड़ेगी, क्योंकि राज्य सरकार ने ही एलिवेटेड लाइन डालने का निर्णय बदला है. खास बाद यह है कि एयरपोर्ट से रीगल चौराहे तक अंडर ग्राउंड लाइन का काम चल रहा है.
इंदौर में खजराना से रीगल चौराहे तक मेट्रो अंडर ग्राउंड लाइन का टेंडर इस महीने कभी भी जारी किया जा सकता है. इसको लेकर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने तैयारी पूर्ण कर ली है. बताया जा रहा है कि करीब 5.5 किलोमीटर लंबी अंडर ग्राउंड लाइन के लिए 900 से 1000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत मानकर टेंडर जारी किया जाएगा. निर्माण अवधि करीब तीन से लेकर 4 साल मानी जा रही है. सूत्रों के अनुसार खजराना से रीगल चौराहे के 5.5 किलोमीटर लंबे सफर में सिर्फ दो स्टेशन का प्रस्ताव किया गया है. इसमें पलासिया से रीगल के बीच कोई स्टेशन नहीं रखा गया है.
यह अंडर ग्राउंड की सबसे कमजोर कड़ी है, क्योंकि एलिवेटेड लाइन में पलासिया से रीगल के बीच एक ओर स्टेशन प्रस्तावित था, जो टीआई मॉल के पहले बनाया जाना था. ध्यान रहे कि पहले मेट्रो की करीब 31 किलोमीटर लंबी लाइन में सिर्फ एयरपोर्ट से रीगल चौराहे तक ही अंडर ग्राउंड लाइन का प्रस्ताव था. खजराना से रीगल चौराहे तक करीब 5.5 किलोमीटर एलिवेटेड लाइन का टेंडर हो चुका था, जो 430 करोड़ रुपए के आसपास था. एलिवेटेड का अलॉयमेंट बदला तो करीब 280 करोड़ रुपए कम होकर अंडर ग्राउंड लाइन का नया प्रस्ताव रखा गया. इसका कारण एमजी रोड के व्यापारियों का एलिवेटेड लाइन को लेकर विरोध था. व्यापारियों के विरोध के कारण मध्य प्रदेश सरकार को 9 सौ करोड़ रुपए की चपत लग गई.
चार साल लगेंगे निर्माण होने में
मेट्रो लेने के नियम है कि जिस लाइन को लेकर एक बार केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है और फिर उसके निर्माण में फेलबदल या एलिवेटेड को अंडर ग्राउंड लाइन में बदला जाता है. उस स्थिति में राज्य सरकार को अंतर की राशि भुगतान करना होती है, केंद्र सरकार के हिस्से के राशि नहीं बढ़ती है.
माना जा रहा है कि इस महीने अंडर ग्राउंड लाइन के टेंडर जारी हो जाते है, तो वर्क ऑर्डर के तारीख से करीब साढ़े तीन से चार साल निर्माण होने में लगेंगे. इसके बाद इंदौर मेट्रो येलो लाइन के 31 किलोमीटर लंबी रिंग पूरी हो जाएगी. एयरपोर्ट से रीगल चौराहे तक 8 किलोमीटर लंबी लाइन का काम चल रहा है.
मेट्रो अंडर ग्राउंड टेंडर के निम्न बिंदु
– करीब 5.5 किलोमीटर से ज्यादा लंबी अंडर ग्राउंड लाइन.
– प्रदेश सरकार द्वारा अतिरिक्त राशि का वहन.
– सिर्फ दो स्टेशन बंगाली चौराहा और पलासिया चौराहा.
– पहले एलिवेटेड लागत 430 करोड़ रुपए.
– अब अंडर ग्राउंड लाइन के लागत 900 से 1 हजार करोड़ रुपए.
– पलासिया से रीगल के बीच 2 किलोमीटर के दूरी में एक भी स्टेशन नहीं.
