डॉ. नरेश से मिला किसानों का प्रतिनिधमंडल, कांग्रेस प्रवक्ता ने दिया उनकी हक की लड़ाई लड़ने का आश्वासन

नयी दिल्ली, 02 जून (वार्ता) दिल्ली 360 खाप पालम के अध्यक्ष चौधरी राम कुमार सोलंकी के नेतृत्व में दिल्ली देहात के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को यहां दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और मांगें उनके समक्ष रखीं। इस दौरान डॉ. नरेश ने उनकी हक की लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी चतर सिंह तथा पूर्व विधायक चौधरी विजय सिंह लोचव भी मौजूद थे। किसानों ने कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की और यदि सरकार ने तत्काल कदम नहीं उठाया तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

बैठक में मौजूद किसानों ने सर्वसम्मति से मांग की कि दिल्ली की कृषि भूमि के सर्किल रेट में तत्काल वृद्धि की जाए। किसानों ने दो टूक शब्दों में घोषणा की कि यदि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो दिल्ली देहात के लोग वर्ष 2027 के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का बहिष्कार करेंगे। इस अवसर पर डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, जिसकी प्रति मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भेजी है और उनसे कृषि भूमि के सर्किल रेट में तत्काल वृद्धि की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग आठ महीनों से सर्किल रेट बढ़ाने के मामले में मंडलायुक्तकी अध्यक्षता में एक समिति कार्य कर रही है, लेकिन अब तक कोई निर्णय सामने नहीं आया है, जिसके कारण दिल्ली के किसानों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के किसान लंबे समय से कृषि भूमि के कम सर्किल रेट के कारण प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर दिल्ली सरकार की चुप्पी उसकी नीयत पर सवाल खड़े करती है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में किसानों के हितों को लेकर गंभीर है तो सर्किल रेट में वृद्धि की घोषणा बिना किसी और देरी के की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी विस्तारित सड़क-2 परियोजना का विस्तारित मार्ग दिल्ली देहात के लगभग सात गांवों जैसे रानी खेड़ा, घेवरा, गढ़ी रिंडाला, सावदा, जोनती, निजामपुर तथा अन्य क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भूमि अधिग्रहित की जानी है। ऐसे समय में सर्किल रेट में वृद्धि न होना किसानों के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के समय सरकारें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देती हैं, लेकिन चूंकि दिल्ली में इस समय कृषि भूमि का सर्किल रेट लगभग 53 लाख रुपये प्रति एकड़ है, इसलिए प्रभावित किसानों को दो करोड़ रुपये से कुछ अधिक मुआवजा ही मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सर्किल रेट में उचित वृद्धि की जाती है तो किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक कीमत के अनुरूप कई गुना अधिक मुआवजा प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की कृषि भूमि के सर्किल रेट पड़ोसी राज्य हरियाणा की तुलना में कई गुना कम हैं, जिसके कारण दिल्ली के किसानों को वर्षों से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

डॉ. कुमार ने किसानों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह दो बार मंडलायुक्त को ज्ञापन दे चुके हैं, जबकि उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी कई बार लिखित ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की भाजपा सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है। डॉ. कुमार ने दिल्ली सरकार से मांग की कि कृषि भूमि का सर्किल रेट कम से कम 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया जाए ताकि किसानों को उनकी भूमि का उचित और न्यायसंगत मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सर्किल रेट में वृद्धि नहीं की तो दिल्ली देहात के किसानों में असंतोष और बढ़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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