कोलकाता | पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल तब गरमा गया जब कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में ममता बनर्जी द्वारा आयोजित धरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस फैसले से नाराज ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि पुलिस की रोक के बावजूद वह प्रदर्शन जरूर करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें निर्धारित स्थान पर बैठने की इजाजत नहीं मिली, तो प्रशासन उन्हें जहां भी रोकेगा, वह वहीं धरने पर बैठ जाएंगी।
टीएमसी प्रमुख ने सत्तारूढ़ भाजपा पर पार्टी के विधायकों को तोड़ने और भारी धन-बल के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों के बाद से उनके 12 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और हजारों को जेल में डाल दिया गया है। ममता ने यह भी कहा कि भाजपा शासन में आम लोग और छोटे व्यापारी भय के माहौल में जी रहे हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाना उनका अधिकार है।
ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक विरोध करार देते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी देने को भी तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट परीक्षा में अनियमितताओं, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमलों और रेहड़ी-पटरी वालों को विस्थापित करने जैसे मुद्दों को लेकर वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इस प्रदर्शन को दिल्ली तक लेकर जाएंगी, लेकिन वह अपनी बात रखने के संकल्प से पीछे नहीं हटेंगी।

