
(प्रेम कुमार)पटना, 02 जून (वार्ता) अभिनेत्री संचिता बसु ने कहा है कि वेब सीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ के दूसरे सीजन में उनका किरदार शानविका पहले से अधिक मजबूत, आत्मनिर्भर और परिपक्व रूप में नजर आएगा। संचिता बसु इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। सीरीज के ट्रेलर लॉन्च के सिलसिले में राजधानी पटना पहुंचीं संचिता बसु ने संवाद एजेंसी ‘यूनीवार्ता’ से विशेष बातचीत में कहा कि पहले सीजन को मिली जबरदस्त सफलता और दर्शकों के अपार प्यार ने पूरी टीम का उत्साह बढ़ा दिया है। यही कारण है कि दूसरे सीजन को और बेहतर बनाने के लिए सभी ने काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि शो के नए सीजन में कहानी के साथ-साथ किरदारों की भावनात्मक यात्रा भी दर्शकों को गहराई से जोड़ने में सफल होगी।
संचिता बसु ने अपने किरदार ‘शानविका’ के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण किरदारों में से एक है। उन्होंने कहा कि शानविका केवल एक पात्र नहीं, बल्कि एक ऐसी लड़की की कहानी है जो जीवन के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए लगातार संघर्ष करती है और हर चुनौती का सामना करती है। उन्होंने कहा कि पहले सीजन में दर्शकों ने उसके कॉलेज जीवन, प्रेम, रिश्तों, विवाह और उसके बाद आने वाले कठिन दौर को देखा था। कई दुखद घटनाओं और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद वह हार नहीं मानती और अपने जीवन को नई दिशा देने का प्रयास करती है। संचिता ने कहा कि दूसरे सीजन में शानविका का व्यक्तित्व और अधिक परिपक्व तथा सशक्त रूप में सामने आएगा। उन्होंने कहा कि यह सीजन दर्शकों को दिखाएगा कि एक महिला किस प्रकार कठिन परिस्थितियों से निकलकर खुद को मजबूत बनाती है और अपने फैसले स्वयं लेना सीखती है।
संचिता बसु ने बताया कि इस बार कहानी में भावनात्मक उतार-चढ़ाव के साथ-साथ आत्मविश्वास, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की झलक भी दिखाई देगी। संचिता ने अपने अभिनय की तैयारी के बारे में बात करते हुए कहा कि किसी भी किरदार को निभाने से पहले उसे गहराई से समझना बेहद जरूरी होता है। शुरुआत में उन्होंने शानविका को केवल एक किरदार के रूप में देखा, लेकिन जैसे-जैसे कहानी और उसके भावनात्मक पहलुओं को समझती गईं, यह चरित्र उनके भीतर बसता चला गया। उन्होंने बताया कि लगातार रिहर्सल, वर्कशॉप और निर्देशक के साथ लंबी चर्चाओं ने उन्हें इस किरदार को गहराई से समझने में मदद की। कई बार कलाकार को अपने भीतर भी उस चरित्र की भावनाओं को विकसित करना पड़ता है, तभी वह पर्दे पर वास्तविक दिखाई देता है।
संचिता ने इस सफलता का श्रेय सीरीज की निर्देशक श्रद्धा पासी को भी दिया। उन्होंने कहा कि निर्देशक ने कलाकारों के साथ बेहद धैर्य और समर्पण भाव से काम किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धा मैम न केवल कलाकारों को दृश्यों की बारीकियां समझाती थीं, बल्कि उनकी राय भी ध्यान से सुनती थीं। यदि किसी कलाकार के पास किसी दृश्य को लेकर कोई सुझाव होता था तो उस पर गंभीरता से चर्चा की जाती थी। इस सहयोगात्मक माहौल ने पूरी टीम को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ की शूटिंग के दौरान कलाकारों और तकनीकी टीम के बीच बेहद सकारात्मक और दोस्ताना वातावरण रहा। उन्होंने कहा, “जब कलाकार एक-दूसरे के साथ सहज महसूस करते हैं तो उसका प्रभाव उनके अभिनय पर भी दिखाई देता है।” उन्होंने बताया कि सेट पर सभी लोग एक-दूसरे की मदद करते थे और यही टीम भावना सीरीज की गुणवत्ता में भी परिलक्षित होगी।
संचिता ने बताया कि वह लंबे समय से हिंदी मनोरंजन जगत में काम करना चाहती थीं। दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने के दौरान भी उनकी रुचि हिंदी प्रोजेक्ट्स में बनी रही। उन्होंने कहा कि जब उन्हें ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ की कहानी सुनाई गई तो उन्होंने तुरंत इसका हिस्सा बनने का फैसला कर लिया। उन्होंने कहा कि दमदार कहानी के साथ जियोहॉटस्टार जैसे प्रमुख ओटीटी मंच से जुड़ना भी इस परियोजना की खास बातों में शामिल रहा। उन्होंने कहा कि शानविका का किरदार उनके वास्तविक व्यक्तित्व से काफी अलग था। वास्तविक जीवन में वह खुलकर अपनी बात रखने वाली और आत्मविश्वासी हैं, जबकि कहानी में कई ऐसे भावनात्मक पक्ष थे जिन्हें समझना और निभाना चुनौतीपूर्ण था। यही चुनौती उन्हें इस किरदार की ओर आकर्षित कर गई।
अभिनय के क्षेत्र में प्रेरणा के संबंध में संचिता ने कहा कि वह विभिन्न कलाकारों के काम को देखती और उनसे सीखने का प्रयास करती रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से पंकज त्रिपाठी के एक विचार का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अभिनय के दौरान वास्तविक भावनाओं को महसूस करने की बात कही थी। संचिता ने कहा कि उन्होंने इस सलाह को अपने काम में अपनाने की कोशिश की। उनका मानना है कि कैमरा केवल चेहरे के भाव ही नहीं, बल्कि कलाकार की वास्तविक भावनाओं को भी पकड़ लेता है। इसलिए किसी दृश्य को प्रभावी बनाने के लिए उसे दिल से महसूस करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अभिनय एक सामूहिक प्रक्रिया है, जिसमें निर्देशक, लेखक, सह-कलाकार और पूरी तकनीकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ के दोनों सीजन में पूरी टीम ने पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ काम किया है। उन्हें विश्वास है कि दर्शकों को नए सीजन की कहानी, भावनाएं और किरदार पहले से अधिक पसंद आएंगे। संचिता बसु ने बताया कि ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ का दूसरा सीजन 19 जून को जियोहॉटस्टार पर रिलीज होगा। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि जिस तरह उन्होंने पहले सीजन को प्यार दिया, उसी तरह दूसरे सीजन को भी अपना समर्थन दें। उन्होंने विश्वास जताया कि शानविका की नई यात्रा दर्शकों के दिलों को छूने में सफल होगी और नए सीजन को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीजन-2 दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।
