भोपाल। राजधानी में भोपाल गौरव दिवस का आयोजन किया गया. महापौर मालती राय ने कहा है कि भोपाल की आजादी के संघर्ष और बलिदान के इतिहास को पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाना चाहिए. महापौर ने भोपाल गेट पर झंडावंदन व गुब्बारे उड़ाए. उन्होंने विलीनीकरण आंदोलन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया एवं विलीनीकरण आंदोलन के सेनानियों के परिजनों का सम्मान भी किया. इसके उपरांत महापौर राय ने जुमेराती पोस्ट ऑफिस परसिर में आयोजित गौरव दिवस कार्यक्रम में झंडावंदन कर भारत माता के चित्र पर माल्यर्पण किया और मिष्ठान वितरण भी किया.
6 साल पहले हुई थी शुरुआत
राजधानी भोपाल का विलीनीकरण एक जून को हुआ था. जिसको गौरव दिवस में विगत 6 वर्षों से मनाते आ रहे हैं. इसकी शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन महापौर व सांसद आलोक शर्मा ने की थी. उसके बाद से प्रतिवर्ष पुराने शहर शाहजहांनाबाद क्षेत्र में भोपाल गेट पर आयोजन होता आ रहा है.
जिले के जनप्रतिनिधि नहीं हुए शामिल
बताया जाता है कि प्रतिवर्ष गौरव दिवस के आयोजन में शहर के विधायक हों या पार्षद सभी इस आयोजन में शामिल होते रहे हैं. लेकिन इस बार महापौर और कुछ पार्षद के अलावा कोई भी शामिल नहीं हुआ. भोपाल से सांसद का स्वास्थ्य खराब होने से वह शामिल नही हो सके. जोन अध्यक्ष विनीता सोनी, पार्षदगण प्रियंका मिश्रा, सरोज आसेरी, राजू कुशवाह, शैलेष साहू, पूर्व निगम परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा के अलावा राकेश कुकरेजा, अभय पंडित, हरिओम आसेरी, राजेन्द्र गुप्ता, अवनि शर्मा, पुष्पेन्द्र जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हुए. वहीं भोपाल में दो मंत्री और सात विधायक के साथ ही बड़ी संख्या में पार्षद जो इस आयोजन में शामिल नहीं हुए.
