
मुंबई, 31 मई (वार्ता) बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में रही गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक कारकों के अलावा कुछ महत्वपूर्ण घरेलू आंकड़ों पर भी रहेगी। पश्चिम एशिया संकट का असर तो शेयर बाजारों पर दिखेगा ही, मानसून की प्रगति, अप्रैल के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े, मई के पीएमआई के आंकड़े और वित्त वर्ष 2025-26 के जीडीपी के आंकड़े निवेश धारणा को काफी प्रभावित करेंगे। इसके अलावा रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद शुक्रवार को जारी बयान भी बाजार को दिशा देंगे। गत सप्ताह 28 मई को बकरीद का अवकाश होने के कारण बाजार में चार दिन ही कारोबार हुआ। मौसम विभाग की कमजोर मानसून की भविष्यवाणी से शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स लगभग 1,100 अंक लुढ़क गया। कुल मिलाकर चार दिन में यह 639.61 अंक यानी 0.85 प्रतिशत टूटा और सप्ताहांत पर 74,775.74 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 123.25 अंक (0.52 प्रतिशत) की गिरावट में शुक्रवार को 23,547.75 अंक पर बंद हुआ। वृहत बाजार में निवेशकों का विश्वास बना रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.07 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.02 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में सप्ताह के दौरान 19 कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। आईटीसी ने सबसे ज्यादा 4.89 प्रतिशत का नुकसान उठाया। एचडीएफसी बैंक का शेयर 2.82 फीसदी, टीसीएस का 2.73, हिंदुस्तान यूनीलिवर का 2.55, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 2.51, सन फार्मा का 2.40 और भारती एयरटेल का 2.23 प्रतिशत गिर गया। पावर ग्रिड में 1.56 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.54, ट्रेंट में 1.52, बीईएल में 1.36, बजाज फाइनेंस में 1.27, इंफोसिस में 1.25 और अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.09 प्रतिशत की गिरावट रही। इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक और एनटीपीसी के शेयर भी नीचे बंद हुए। टेक महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 4.32 प्रतिशत चढ़ा। एलएंडटी में 3.81 फीसदी और इटरनल में 3.70 फीसदी की तेजी रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 1.77 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक का 1.57, एशियन पेंट्स का 1.26, बजाज फिनसर्व का 1.10 और मारुति सुजुकी तथा अडानी पोर्ट्स दोनों के शेयर 1.02 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।
