तेल अवीव/बेरुत:इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए लितानी नदी पार कर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘बोफोर्ट किले’ पर कब्जा कर लिया है।इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया पर इस कामयाबी को एक बड़ी ‘रणनीतिक’ जीत बताया और कहा, “यह गालिली (उत्तरी इजरायल) के समुदायों की रक्षा और हमारे बलों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदुओं में से एक है।” उन्होंने यह भी बताया कि पहले इस ऑपरेशन की रिपोर्टों पर रोक लगी हुई थी।
श्री काट्ज ने हिजबुल्ला के साथ जारी संघर्ष के विषय में कहा कि लड़ाई अभी जारी है और हिजबुल्लाह को कमजोर करने तथा इजरायल की उत्तरी सीमा को सुरक्षित करने के प्रयास जारी रहेंगे। इस बीच, इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने भी बोफोर्ट किले पर कब्जे की सराहना की है और इसे 20 साल पहले लेबनान से इजरायल के पीछे हटने की पुरानी ‘गलती’ को सुधारने वाला कदम बताया है।
उन्होंने कहा, “हमने उत्तर के वीर निवासियों से स्थायी सुरक्षा का वादा किया था, और हम इसे हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। बोफोर्ट में वापसी पुरानी राष्ट्रीय गलतियों को सुधारने की एक अभिव्यक्ति है।”लेबनान सरकार ने इजरायल के इस दावे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें कि बोफोर्ट किला नबातिएह प्रांत में लितानी नदी के पास स्थित एक ऐतिहासिक क्रूसेडर किला है।
दूसरी ओर, इस जमीनी कार्रवाई के बीच इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नागरिकों के लिए एक नई चेतावनी जारी करते हुए जाहरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले सभी लेबनानी नागरिकों को तुरंत अपने घर खाली करने का आदेश दिया है। सेना ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस इलाके में हिजबुल्ला के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई कर रही है, इसलिए ‘दक्षिण की ओर कोई भी आवाजाही आपकी जान को खतरे में डाल सकती है।’
