
अशोकनगर। गुरुवार रात को थानाक्षेत्र के झांसाखेड़ी गांव में आशा कार्यकर्ता की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने शुक्रवार को आशा कार्यकर्ता के पति एवं देवर को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की तो दोनों आरोपियों ने सब कुछ उगल दिया। पुलिस ने मर्ग में हत्या की धाराओं एवं सबूत मिटाने की धाराओं का इजाफा करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। दरअसल, गुरुवार रात को झांसाखेड़ी निवासी शिशुपाल कुशवाह अपने एक साथी के साथ अशोकनगर की जिला अस्पताल में भाभी ज्योति कुशवाह का मृत शरीर लेकर पहुंचा था। जहां उसने मौत की वजह ज्योति द्वारा फांसी लगाना बताया था। घटना की जानकारी मृतका के मायके पक्ष को हुई और वह अस्पताल पहुंचे तो शिशुपाल मौके से भाग निकला। पूछताछ में सामने आया कि मृतका आशा कार्यकर्ता थी, उसका विवाह 14 वर्ष पहले झांसाखेड़ी के रणवीर कुशवाह से हुआ था और दोनों के तीन बच्चे भी हैं। करीब 6 वर्ष पूर्व से पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद का एक प्रकरण न्यायालय में भी चल रहा था। मायके पक्ष ने हत्या के आरोप लगाए थे। यहीं से पुलिस का माथा ठनका और जब मामले की तफ्तीष की गई तो खुलासा हुआ कि रणवीर ने महिला की हत्या की और भाई के साथ मिलकर हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर पुलिस को गुमराह किया गया।
घर के फर्श पर थे संघर्ष के निशान
बताया गया है कि पुलिस जब झांसाखेड़ी पहुंची तो मृतका के घर के फर्श पर संघर्ष के निशान साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। फर्श पर उसकी टूटी हुईं चूडिय़ां एवं कान की बाली पड़ी हुई थी। इसके बाद रणवीर एवं शिशुपाल को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। जहां जब पुलिस ने सख्ती बरती तो दोनों टूट गए। रणवीर ने बताया कि पत्नी के साथ उसका अक्सर विवाद होता था। यह विवाद लेन देन का भी था और पारिवारिक भी। ऐसे में गुरुवार रात को जब विवाद बढ़ गया तो उसने गला घोंट कर पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद भाई को बुलाकर शव फांसी पर लटका दिया ताकि घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
इनका कहना है।
हम जब घटना स्थल पर पहुंचे तो वहां की परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रही थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला घोंट कर हत्या करना आया था। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 1 एवं 238 ए के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय भेजा गया था, जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया है।
नीलम सिंह यादव, थाना प्रभारी, बहादुरपुर
