सीहोर: नवतपा के पांचवे दिन शुक्रवार को जिले में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाए. सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था, वहीं दोपहर होते-होते गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग बेहाल नजर आए. दोपहर के समय मुख्य बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थान लगभग सूने दिखाई दिए.
शुक्रवार को सुबह 9 बजे के बाद ही सूरज की तपिश असहनीय होने लगी थी. दोपहर 12 बजे के बाद हालात और कठिन हो गए. गर्म हवाएं सीधे शरीर को झुलसाने लगीं, जिसके कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले. बाजारों में ग्राहकी कम रही और कई स्थानों पर दुकानदार भी गर्मी से बचाव के उपाय करते नजर आए. राहगीर सिर पर गमछा, टोपी और चेहरे को कपड़े से ढंककर निकलते दिखाई दिए.
भीषण गर्मी के चलते प्रमुख बाजारों में अधिक सन्नाटा नजर आया. सुबह से ही सूरज की तीखी चुभन से बचने के लिए लोग घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे थे. जिन्हें आवश्यक कार्यों के चलते बाहर निकलना पड़ रहा था वह सिर व चेहरे को कपड़े से ढांककर व आंखों पर चश्मा चढ़ाकर ही बाहर निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे थे.
गर्मी के कारण शहर में ठंडे पेय पदार्थों, गन्ने के रस, शिकंजी, नींबू पानी और आइसक्रीम की मांग बढ़ गई है. शहर के प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में ठंडे पेय बेचने वालों के यहां लोगों की भीड़ दिखाई दी. वहीं कई सामाजिक संस्थाएं और परिवार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर राहगीरों के लिए नि:शुल्क शीतल जल सेवा भी संचालित कर रहे हैं.
नवतपा को भारतीय परंपरा और मौसम विज्ञान दोनों में विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान पडऩे वाली तेज गर्मी मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नवतपा की तपिश से खेतों में मौजूद हानिकारक कीट और जीवाणु नष्ट होते हैं, जिससे आगामी खरीफ फसलों को लाभ मिलता है.
जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है. दिनभर कूलर, पंखे और एसी चलने से बिजली खपत बढ़ गई है, जिससे विद्युत व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है.मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी गर्मी और लू का असर बना रहेगा. तापमान में फिलहाल राहत मिलने के आसार कम हैं. चिकित्सकों ने नागरिकों से दोपहर में अनावश्यक बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, भारी भोजन करने से बचने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है.
गर्मी के मिजाज लोगों की सेहत पर पड़ रहे भारी
नवतपा की भीषण गर्मी का असर सबसे ज्यादा मजदूर वर्ग, ठेला व्यवसायियों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है. दिनभर तेज धूप में काम करने से लोगों को चक्कर, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढऩे लगी है. चिकित्सकों ने नागरिकों को दोपहर के समय धूप से बचने, अधिक पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है
