बक्सवाहा: बक्सवाहा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मडदेवरा में गहराते पेयजल संकट को लेकर आखिरकार ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। पिछले दो वर्षों से पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं का आक्रोश आज फूट पड़ा। पानी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्य सड़क पर खाली डिब्बे, बाल्टियां और बर्तन रखकर रास्ता जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
कागजों पर योजना, जमीन पर सूखा
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में सरकार की ‘नल-जल योजना’ के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पिछले दो साल से इन नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का ढिंढोरा तो खूब पीटा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। गांव में पेयजल की किल्लत को लेकर कई बार पंचायत के सरपंच और सचिव से गुहार लगाई गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या की तरफ आंखें मूंद रखी हैं।
दूर-दूर भटकने को मजबूर, कलेक्टर से आस
आंदोलन कर रही महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें खाना बनाने और पीने जैसे बेहद जरूरी दैनिक उपयोग के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। पानी के इंतजाम के लिए उन्हें तेज धूप में रोजाना कई किलोमीटर दूर तक भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अब उन्हें गांव की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए सीधे कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस चक्काजाम प्रदर्शन के कारण मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह ठप रहा और वाहनों की कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मडदेवरा गांव में पेयजल संकट का तुरंत और स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुचारू रूप से पानी की व्यवस्था शुरू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में उनका यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
