सतना : प्रचंड गर्मी और भीषण लू के लगातार जारी असर को देखते हुए विद्यालय खोलने का निर्णय 30 जून ततक स्थगित किया जाए और साथ ही पेट्रोल-डीजल के आयातित खर्च को नियंत्रित रखने की दिशा में शिक्षकों के कार्यालयीन कार्य को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा प्रदान की जाए. मां शारदा की नगरी मैहर में आयोजित मप्र राज्य कर्मचारी संघ की बैठक में मुख्यमंत्री से यह मांग की गई. बैठक के दौरान यह जानकारी साझा की गई कि प्रदेश के कई विद्यालयों ममें इस प्रचंड गर्मी और लू से निबटने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है.
जिससे स्कूली बच्चों सहित शिक्षकों को हीट स्ट्रोक का गंभीर खतरा बना हुआ है. वहीं यदि 1 जून से विद्यालय आरंभ हो जाते हैं तो प्रदेश भर के लाखों शिक्षक अपपने-अपने कार्यस्थल पर आने-जाने को लेकर आयातित पेट्रोल-डीजल के खर्च को और बढ़ा देंगे. जो कि मौजूदा वैश्विक में देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रहित में नहीं होगा. जिसे देखते हुए शिक्षकों को अपने कार्यालयीन कार्य में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा प्रदान किए जाने की मांग की गई. बैठक में राज्य कर्मचारी संघ मैहर जिलाध्यक्ष मुनींद्र कुमार शुक्ला, राज्य कर्मचारी शिक्षा समिति के अध्यक्ष मोहित गर्ग, सचिव अरविंद निगम, रामनगर ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. वासुदेव तिवारी, अमरपाटन तहसील अध्यक्ष डॉ. सुनील मिश्रा आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे
