नीमच: जिले के सिंगोली क्षेत्र के तिलस्वा घाट पर देर रात एक पिकअप गहरी खाई में गिई। हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। पिछले दो दिनों में इसी घाट पर यह दूसरा बड़ा हादसा है। रविवार को यहां एक बस पलट गई थी।जानकारी के मुताबिक राजस्थान के धौलपुर से बांसवाड़ा की ओर जा रहा पिकअप वाहन आरजे 14 जीएन 6549) तिलस्वा घाट के खतरनाक मोड़ पर बेकाबू हो गया।
वाहन में पेंट की बाल्टियां भरी थीं, जिनके ऊपर मजदूर बैठे हुए थे। संतुलन बिगड़ने से वाहन सीधे खाई में जा गिरा। एक्सीडेंट में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। बाल्टियां उठ जाने से उनमें भरा कलर शवों पर भी फैल गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। मृतकों की पहचान उदयलाल पिता डोरीलाल निवासी बरेली (उत्तरप्रदेश), रामअवध सिंह निवासी गाजीपुर (उत्तरप्रदेश) और पिंटू कुमार निवासी गाजीपुर (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई है।
यूपी और राजस्थान के रहने वाले थे मजदूर
हादसे का शिकार हुए मजदूर बरेली (उत्तर प्रदेश), गाजीपुर और राजस्थान के जयपुर के रहने वाले थे। वे आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। घायलों की पहचान मोहम्मद जाकिर (40), इदरीस और सोमपाल के रूप में हुई है।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
सूचना पर सिंगोली थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा और तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। राहगीरों की मदद से शवों को खाई से निकालकर सिंगोली अस्पताल की मॉचुरी में रखवाया गया।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने किया घाट का निरीक्षण
हादसे के बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर बुधवार को पीडब्ल्यूडी नीमच के कार्यपालन यंत्री अमित नर्गिस सिंगोली के तिलस्वां घाट पहुंचे और घाट का ऊपर से नीचे तक निरीक्षण किया। नर्गिस ने बताया कि घाट क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
रविवार को भी इसी जगह पर पलटी थी बस
तिलस्वा घाट पर रविवार को शिव शक्ति ट्रेवल्स की बस पलटने से 30 यात्री घायल हुए थे। लगातार हादसों के बाद स्थानीय नागरिकों ने घाट पर क्रैश बैरियर, चेतावनी बोर्ड और गति सीमा तय करने की मांग की है
