नयी दिल्ली 27 मई (वार्ता) सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने तथा उसमें सुधार के उद्देश्य से 25530 करोड़ रुपये की सार्थक जन वितरण प्रणाली ‘सार्थक पीडीएस’ को बुधवार को मंजूरी दे दी। सार्थक पीडीएस एक व्यापक योजना है जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्नों की राज्य के भीतर ढुलाई और उचित दर दुकान डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता देना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार योजना (स्मार्ट पीडीएस) को लागू करना शामिल है।
सार्थक पीडीएस योजना में 25530 करोड़ की यह राशि पांच वर्ष के लिए जारी की जायेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। बैठक के बाद सूचना और प्रसारण अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि इस योजना का उद्देश्य उचित दर की दुकानों में जनवितरण प्रणाली को दुरूस्त करना और खाद्यान ढुलाई के लिए राज्यों को सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य खाद्यान्नों की ‘अंतिम छोर तक डिलीवरी’ सुनिश्चित करना है, जिसमें उचित दर दुकान डीलरों को मिलने वाले कमीशन में भी वृद्धि की गई है। सरकार उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनवितरण प्रणाली कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने का प्रयास कर रही है जिससे संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।

