
सीधी। जन सुनवाई में कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्या के त्वरित निराकरण की उम्मीद लेकर दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आई जनता की मनमाफिक सुनवाई नही हुई। जनता का दर्द रहा कि कलेक्टर के बिना जन सुनवाई अनसूनी रही।
जिला पंचायत कार्यालय में आज मंगलवार को जन सुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर विकास मिश्रा के आज जिला स्तरीय जन सुनवाई में न रहने से समस्याओं को लेकर आए लोग काफी मायूश नजर आए। कारण कई विभागों के अधिकारी जन सुनवाई में नहीं थे इस वजह से उनकी समस्याओं का निराकरण तात्कालिक रूप से होने को लेकर ही संशय निर्मित हो गई। चर्चा के दौरान जन सुनवाई में पहुंचे कुछ लोगों का कहना था कि आज कलेक्टर के न रहने के कारण जिला पंचायत के सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी जन सुनवाई कर रहे थे। कलेक्टर के रहने पर जन सुनवाई में आने वाले आवेदनों को संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर ही सौंपकर तत्काल निराकरण के निर्देश दिए जाते थे। आज की स्थिति यह रही कि जब मौके पर संबंधित विभाग का कोई अधिकारी ही मौजूद नहीं था तो उससे संबंधित आवेदनों को फाइल में डाल दिया गया। आज जन सुनवाई के दौरान जो नजारा देखने को मिला उससे लोगों में काफी निराशा देखी गई। कुछ लोगों का कहना था कि सीधी जिले की सीमा लगभग 100-125 किमी. है। काफी संख्या में ऐसे लोग भी कलेक्टर की जन सुनवाई में आते हैं जिनका गृह क्षेत्र काफी दूर है। ऐसे लोगों को उम्मीद रहती है कि कलेक्टर के पास उनकी समस्या का आवेदन पहुंचेगा तो उस पर निश्चित ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित होने की राह प्रशस्त होगी।
अव्यवस्थाओं में गर्मी से बेहाल दिखे लोग
कलेक्टर विकास मिश्रा के द्वारा जन सुनवाई में आवेदन लेकर आने वाले को कुर्सी में बैठाकर स्वयं खड़े होकर सुनवाई की जाती है इसी वजह से उनकी कार्यशैली को लेकर लोगों में काफी प्रभाव बना हुआ है। वर्तमान में भीषण गर्मी होने के कारण जन सुनवाई के लिए आने वाले लोगों को बैठने एवं शीतल पेय जल का इंतजाम प्राथमिकता से होना जरूरी है। आज जन सुनवाई में आने वाले लोगों के लिए औपचारिक रूप से कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। लिहाजा दो लाइन में कुर्सी लगी हुई थी। समस्या लेकर आने वालों की संख्या काफी ज्यादा होने के कारण शेष लोगों को फर्श में ही बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने की मजबूरी देखी गई।
इनका कहना है
कलेक्टर के वीसी में व्यस्त होने से जनसुनवाई कार्यक्रम पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। समस्या लेकर पहुंचे लोगों को ऐसे स्थान में फर्श पर बैठाया गया था जहां कई पंखे बिगड़े हुये थे। इस भीषण गर्मी में पानी तक की व्यवस्था नहीं बनाई गई थी। कई विभागीय अधिकारियों के न रहने से जनसुनवाई के आवेदन फाइल में रख दिये गये।
सीताराम तिवारी, हाउसिंग बोर्ड कालोनी सीधी
