
उज्जैन। महाकाल मंदिर में गंगा दशहरा पर मंगलवार को लगातार 18 घंटे तक निरंतर नृत्य किया गया। सुबह 6:30 बजे से अखंड नृत्य आराधना शुरू हुई रात को शयन आरती तक जारी रही। इस आयोजन की खास बात यह थी कि एक साथ यहां कई तबले भी बजाए गए जिससे संपूर्ण वातावरण संगीतमय हो उठा।
संस्था की साधना मालवीय, मृणालिनी चौहान ने बताया कि इसमें 4 से 40 वर्ष तक के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। जिसमें हर समूह को 15 से 20 मिनट का समय दिया गया। कलाकारों गणेश वंदना, शिव स्तुति, माता की आराधना, भजन और लोकगीतों पर नृत्य किया। इस आयोजन में 50 से ज्यादा कलाकारों ने भाग लिया। हजारों श्रद्धालुओं ने भी मंदिर में दर्शन के दौरान इस प्रस्तुति को देखा। रसराज प्रभात नृत्य संस्थान यह प्रस्तुति देता है। पिछले 38 साल से यह सिलसिला निरंतर चला आ रहा है। इसके लिए एक माह पहले से तैयारी की जाती है। कार्यक्रम में संस्थापक राज कुमुद ठोलिया, मुख्य अतिथि अर्पण भारद्वाज और गोविंद गंधे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि संजय मिश्रा, पंडित विशाल शुक्ला और भारती सिंह राजपूत थे।
