अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संकल्प: एसएएफ के 617 नवआरक्षकों ने ली देश सेवा की शपथ

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की गौरवशाली परंपरा और अनुशासित विरासत को आगे बढ़ाते हुए इंदौर स्थित रुस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय परिसर में आरएपीटीसी इंदौर तथा 15वीं वाहिनी एसएएफ इंदौर के नवआरक्षकों की संयुक्त दीक्षांत परेड का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसएएफ मुख्यालय, भोपाल) चंचल शेखर ने की।

अपने संबोधन में डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण पूर्ण होने का औपचारिक अवसर नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण, कठिन परिश्रम और राष्ट्रसेवा के संकल्प का उत्सव है। उन्होंने कहा कि नवआरक्षक अब जनविश्वास, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा के संरक्षक बन चुके हैं।

उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नाम मध्यप्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक तथा सीमा सुरक्षा बल के संस्थापक के. एफ. रुस्तमजी के नाम पर रखा गया है, जिनका पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस कल्याण के क्षेत्र में योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने नवआरक्षकों से रुस्तमजी की विरासत से प्रेरणा लेकर कर्तव्य और अनुशासन के उच्च मानदंड स्थापित करने का आह्वान किया।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, साहस और जवाबदेही का दायित्व भी है। उन्होंने नवआरक्षकों से हर परिस्थिति में कानून, संविधान और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान नवआरक्षकों को ड्रिल, हथियार संचालन, फील्ड क्राफ्ट, कानून-व्यवस्था नियंत्रण, साइबर अपराध से निपटने, आपदा प्रबंधन और आधुनिक पुलिसिंग का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें चुनाव ड्यूटी और अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी दायित्वों का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।

डीजीपी ने चंबल क्षेत्र में दस्यु उन्मूलन अभियान से लेकर नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बनाए रखने तक एसएएफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान सीपीआर प्रशिक्षित जवानों द्वारा हृदयाघात से पीड़ित एक अधिकारी की जान बचाने की घटना का भी उल्लेख किया।

महानिरीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी के मार्गदर्शन में कुल 617 नवआरक्षकों, जिनमें आरएपीटीसी इंदौर के 482 तथा 15वीं वाहिनी एसएएफ के 135 आरक्षक शामिल थे, ने प्रशिक्षण पूर्ण किया। समारोह का समापन आकर्षक परेड, साइलेंट ड्रिल, पीटी प्रदर्शन, अश्वारोहण कौशल और पुलिस बैंड की प्रस्तुति के साथ राष्ट्रगान द्वारा हुआ।

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