हिरन व सूखा नाला नदी के किनारे निर्माण पर रोक 

सीधी। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने साधी जिले में कोटहा क्षेत्र से निकलने वाली हिरन नदी व सूखा नाला नदी के किनारे अतिक्रमण व अवैध निर्माणों को गंभीरता से लिया। इसी के साथ किसी भी तरह के निर्माण पर रोक का अंतरिम आदेश पारित कर दिया। राज्य शासन, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन विभाग, कलेक्टर सीधी, एसडीओ, तहसीलदार व सीएमओ सीधी, दिवाकर सिंह व हल्के सोनी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। जवाब पेश करने चार सप्ताह का समय दिया गया है।

जनहित याचिकाकर्ता सीधी निवासी आदित्य नारायण सिंह की ओर से अधिवक्ता सत्यप्रकाश मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सीधी जिले के कोटहा क्षेत्र में हिरन नदी व सूखा नाला नदी है, जिसके दोनों ओर व्यापक रूप से अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर निर्माण कर लिया है, जिससे नदियों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। इतना ही नहीं बरसात के मौसम में अतिक्रमण के कारण स्थिति भयावह हो जाती है। संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। लिहाजा, व्यापक जनहित में हाई कोर्ट की शरण ली गई है।

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