
सिंगरौली। सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे-75 का फोरलेन निर्माण कार्य फिर अधर में लटक गया है। एमपीआरडीसी ने धीमी प्रगति के कारण टीबीसीएल कंपनी का ठेका रद्द कर दिया है। इससे पहले गैमन इंडिया का ठेका भी रद्द हो चुका था। हाईवे निर्माण में अब तक 1,029 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन कार्य अधूरा है। एमपीआरडीसी ने बारिश तक सड़क की मरम्मत का जिम्मा लिया है, जबकि नई टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण पूरा होने में अब एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है।
गौरतलब है कि सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे-75 निर्माणाधीन फोरलेन का कार्य कई दिनों से ठप्प पड़ा हुआ है। जिसको लेकर नवभारत ने भी कई बार प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं एमपीआरडीसी के अधिकारियों का समय-समय पर ध्यान आकृष्ट कराया। जैसा की पता है एमपीआरडीसी के द्वारा वर्ष 2020-21 में गैमन इंडिया का ठेका निरस्त कर दिया था। इसके बाद दूसरी बार टेंडर हुआ। जिसकी कुल लागत 331.16 करोड़ रूपये का ठेका टीबीसीएल संविदा कंपनी बुढ़ार शहडोल को मिला। इसे 4 अप्रैल 2023 तक में कार्य पूर्ण करने के लिए कुल 18 महीने का अनुबंध कर ठेका दिया गया था। टीबीसीएल भी 18 नही, बल्कि 36 महीने का वक्त ले लिया। इसके बावजूद सड़क का कार्य पूर्ण नही कर पाया। जिसके बाद उक्त निर्णय लिया गया।
सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे के धीमी कार्य प्रगति एवं निर्धारित समय सीमा में पूर्ण न करने के कारण मुख्यालय मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी भोपाल के द्वारा निरस्त कर दिया गया है और ठेका निविदा का कार्य प्रचलन में है। बारिश के दिनों में सड़क मरम्मत का कार्य एमपीआरडीसी कराएगा।
समीर गौहर
सहायक प्रबंधक
एमपीआरडीसी, सिंगरौली
