
नयी दिल्ली, 30 मई (वार्ता) सरकार ने जन शिकायत निवारण के अपने केंद्रीय आनलाइन प्लेटफार्म पर शनिवार को एक ऐसी सुविधा शुरू की जिससे देश के किसी भी स्थान से नागरिक अपनी भाषा में बोल या लिख कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और एआई आधारित यह प्रणाली आप की शिकायत की पहचाना कर संबंधित मंत्रालय या विभाग को तक आप की बात पहुंचा देगी। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग के राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने केंद्रीय लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) पर इस नयी कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित इस वायस चैटबॉट सुविधा, ‘ समाधान दीदी-सीपीग्राम्स चैटबॉट’ का शनिवार को यहां उद्घटन करते हुए कहा कि यह सुविधा अभी सांविधिक रूप से स्वीकृत 22 भाषाओं में शुरू की गयी है। इसे आने वाले एक साल में कुछ और आंचलिक भाषा-भाषियों के लिए भी सहज बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘ यह मोदी सरकार के सुधारों की दिशा में एक और पहल है। सीपीग्राम्स पर समाधान दीदी चैटबॉट का उद्येश्य उपयोगकर्ता की आसानी बढ़ाना है, शिकायत करने की प्रक्रिया में भाषा और खिलने की चुनौती का समाधान करना है।’ इसमें 30 सेंकेंड से एक डेढ़ मिनट के अंदर व्यक्ति अपनी शिकायत बोल या लिख कर दर्ज करा सकता है। कार्यक्रम में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत निवारण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा, संयुक्त सचिव पुनीत यादव और भाषिणी के मुख्य अधिशासी अधिकारी अमिताभ नाग भी उपस्थित थे। श्री नाग ने नयी चैटबॉट सुविधा का जीवंत प्रदर्शन कराया और कार्यक्रम में उपस्थित कुछ लोगों ने विभिन्न भाषाओं में बोल कर अपनी अपनी शिकायतें दर्ज कारायीं।
डॉ सिंह ने कहा कि सीपीग्राम्स पर आज सालाना 20 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज करायी जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘ यह प्लेटफार्म काफी लोकप्रिय हो चुका है। 2014 में मोदी सरकार से पहले भी सरकार का शिकायत निवारण मंच चल रहा था लेकिन उस समय साल में ज्यादा से ज्यादा दो लाख शिकायतें प्राप्त होती हैं जो आज 20 लाख से ऊपर पहुंच गयी है। यह इस प्रणाली में लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।” उन्होंने कहा, ‘ हम नहीं कह रहे हैं कि पहले शिकायतों की उपेक्षा की जाती थी , पर उदासीनता जरूर थी। अब हमारी व्यवस्था अधिक सतर्क और संवेदनशील है। पहले समाधान में 60 दिन लग जाते थे , औसत समय 13 दिन का हो गया है। नयी सुविधा से समाधान 7 दिन के अंदर करने का लक्ष्य है। ”
उन्होंने कहा एआई के माध्यम से शिकायत का वर्गीकरण करण और ‘भाषिणी’ के प्रयोग से उनका भाषांतर कर उन्हें शीघ्र ही संबंधित विभागों और सरकारी एजेंसियों तक पहुंचा दिया जाता है। इससे शिकायतकर्ता को समय और मेहनत कम लगानी पड़ती है। मंत्री ने कहा कि सीपीग्राम्स में इस समय 95 प्रतिशत तक शिकायतों का समाधान हो रहा है। एआई आधारित वर्गीकरण प्रणाली से इसकी दक्षता और बढ़ेगी। भारत की सीपीग्राम्स जन शिकायत निवारण एवं निगरानी सुविधा को विश्व की अपने प्रकार की सबसे बड़ी सुविधा बताते हुए डॉ सिंह ने कहा कि आज दुनिया के अनेक विकासशील देशों के लोग इस प्रणाली को जानना और समझना तथा अपने यहां लागू करना चाहते हैं। उनके अधिकारी हमारे यहां आते हैं और हमारे अधिकारी भी उनकी सहायता के लिए जा रह हैं। उन्होंने बताया कि सीपीग्राम्स के साथ ऐसे कर्मी भी जोड़े गये हैं जो शिकायतकर्ता की बात सीधे सुनकर उन्हें सुझाव और सांत्वना देते हैं। सचिव सुश्री निवेदिता ने कहा कि एआई आधारित समाधान दीदी- चैटबॉट एक वायस आधारित , बहु भाषी शिकायत पंजीकरण सहायक है।इसमें एआई आधारित वर्गीकरण प्रणाली जोड़ी गयी है जो नागरिकों को उसकी शिकायत को संबंधित सही विभाग और प्राधिकरण से तेजी और कुशलता के साथ पहुंचाती है।
