अहमदाबाद, 26 मई (वार्ता) अडानी समूह की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने गुजरात के खावड़ा में कुल 3.37 गीगावाट प्रति घंटा क्षमता की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) चालू कर दिया है जो चीन के बाहर दुनिया का किसी देश में एक जगह स्थापित सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा स्टोरेज प्रणाली है जिसमें हरित ऊर्जा का भंडारण किया जाता है।
एजीईएल की योजना चालू वित्त वर्ष में और 10 गीगावाट/ घंटा से ज़्यादा की बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ने और अगले पाँच वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 गीगावाट तक पहुँचाने की है। एक गीगावाट एक हजार मेगावाट या एक अरब वाट के बराबर है।
कंपनी ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि यह सुविधा इतनी समर्थवान है कि इससे लगभग दस लाख घरों को पूरे एक दिन तक बिजली दी जा सके। इस तरह यह इंदौर, चंडीगढ़ जैसे शहरों या पूरे गोवा राज्य में व्यस्ततम समय की बिजली की माँग को पूरा करने में सक्षम है। बिजली स्टोर प्रणाली से पूरे देश में 1.2 करोड़ से जयादा एलईडी बल्ब लगातार दस घंटे तक जलाये जा सकते हैं।
कंपनी ने कहा कि यह दुनिया में सबसे तेज़ी से पूरी की गयी परियोजनाओं में एक है। इसमें 1.37 गीगावाट/ घंटा की स्टोरेज क्षमता इसी साल मार्च में शुरू की गयी। बयान में कहा गया है कि खावड़ा परियोजना के शुरू होने से ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने, पीक-ऑवर में बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करने और रिन्यूएबल एनर्जी को बड़े पैमाने पर भरोसेमंद, चौबीसों घंटे बिजली सप्लाई करने में मदद मिलेगी।
एजीईएल के अधिशासी डायरेक्टर सागर अडानी ने कहा, “भारत के साफ़ ऊर्जा बदलाव के अगले चरण में बड़े पैमाने पर एनर्जी स्टोरेज की भूमिका बहुत अहम होगी। जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है, भरोसेमंद और 24 घंटे साफ बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए भंडारण अवसंरचना का होना बेहद ज़रूरी हो गया है। खावड़ा में 3.37 गीगावाट की बिजली बैटरी-स्टोर के शुरू होने के साथ ही कंपनी अब एक मज़बूत, नियंत्रित आपूर्ति योग्य और लचीली ऊर्जा प्रणालियाें की नींव को और भी मज़बूत बना रहा है। बैटरी स्टोरेज में हमारा निवेश, वैश्विक स्तर पर भविष्य के लिए तैयार साफ़ ऊर्जा अवसंरचना के निर्माण के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
