बागेश्वर | वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सिपाही मदन सिंह की पत्नी, वीरांगना देबुली देवी को 60 साल बाद बड़ी आर्थिक राहत मिली है। भारतीय सेना और सैनिक कल्याण विभाग के विशेष प्रयासों से देबुली देवी के खाते में 28.45 लाख रुपये की पहली किस्त जमा की गई है। सालों से लंबित इस प्रकरण के समाधान से शहीद के परिवार को एक बड़ी संबल प्राप्त हुई है।
शहीद की वीरांगना देबुली देवी को अब तक केवल उदारीकृत पारिवारिक पेंशन मिल रही थी। भारत सरकार द्वारा युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत उनके मामले का पुनरीक्षण किया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) वेद प्रकाश जोशी और कुमाऊं रेजिमेंट के समन्वित प्रयासों से यह बकाया राशि जारी की गई है, जिसकी दूसरी किस्त भी शीघ्र मिलने की संभावना है।
देबुली देवी ने इस सहायता के लिए जिला सैनिक कल्याण कार्यालय और सेना का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सेना हमेशा वीर नारियों के साथ खड़ी रहती है। इस कार्रवाई से उन हजारों सैनिक परिवारों के लिए नई उम्मीद जगी है, जिनके पुराने मामले आज भी फाइलों में दबे हैं। इस पहल ने साबित किया कि प्रशासनिक संवेदनशीलता शहीद परिवारों के सम्मान को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

