
अगरतला। त्रिपुरा के खोवाई जिले में कम से कम तीन पुलिसकर्मियों को रविवार रात निलंबित कर दिया गया तथा मादक पदार्थ विरोधी अभियान के दौरान जब्त की गई बड़ी मात्रा में नशीली कफ सिरप के गबन में उनकी कथित संलिप्तता के शुरुआती संकेत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
संदिग्ध अधिकारियों की पहचान निरीक्षक अजीत देववर्मा, उपनिरीक्षक राजेंद्र रियांग और सिपाही सुकांत देव के रूप में हुई है, जो सभी तेलियामुरा पुलिस थाने में तैनात हैं। मामला तब सामने आया जब आरोप लगाया गया कि इन अधिकारियों ने 20 मई की रात को महारानीपुर इलाके में एक इको वाहन को रोका और कथित तौर पर प्रतिबंधित एस्कुफ कफ सिरप की लगभग 6,000 बोतलें जब्त कीं, इस सिरप का अक्सर मादक पदार्थ के रूप में दुरुपयोग किया जाता है।
पुलिस थाने लौटने पर हालांकि संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर जब्ती को केवल 600 बोतलों के रूप में दर्ज किया। आरोप है कि शेष खेप को कानून प्रवर्तन एजेंसियों और तस्करों के बीच कथित सांठगांठ के चलते गुप्त रूप से दूसरी ओर भेज दिया गया। इसके अलावा, सूत्रों से पता चलता है कि जब्त की गई कुछ कफ सिरप बाद में अवैध रूप से खुले बाजार में बेची गई। दावा किया जाता है कि नशेड़ियों के बीच अत्यधिक मांग के कारण एक विशेष बैच की बोतलें नशा करने वालों को बढ़ी हुई कीमतों पर बेची गईं। इस स्थिति ने क्षेत्र में नशीले पदार्थों के व्यापार से निपटने के लिए जिम्मेदार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतें मिलने के बाद, प्रारंभिक जांच में इन दावों का समर्थन करने वाले सबूत मिले, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
