इन्दौर: लगातार आठ बार देश में स्वच्छता में अव्वल रहने वाला इंदौर शहर इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में है. कई क्षेत्रों में तो स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे लोग सड़क पर उतर आए हैं. चक्काजाम कर और मटके फोड़कर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ खुलकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं.
शहर के सबसे पुराने क्षेत्र उषा नगर में भी भीषण जल संकट गहराता जा रहा है. क्षेत्र में नर्मदा जल प्रदाय पूरी तरह ठप होने से रहवासी पेयजल के लिए परेशान हैं नगर निगम की ओर से भेजा जा रहा छोटा टैंकर जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
शहर में पानी अब सबसे बड़ा संकट बन चुका है. कहीं महिलाएं खाली बर्तन लेकर दूर-दूर तक पानी भरने जा रही हैं, तो कहीं लोग घंटों टैंकरों का इंतजार करने को मजबूर हैं. कई इलाकों में दो-दो, तीन-तीन दिन तक नर्मदा का पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है. शहर की कई कॉलोनियां पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हो चुकी हैं. हालात यह हैं कि टैंकर आने पर लोगों में पानी भरने को लेकर विवाद, यहां तक कि मारपीट तक हो रही हैं. कई घरों के बाहर टंकियां, ड्रम और बाल्टियां पहले से सजाकर रखी जा रही हैं, ताकि टैंकर आते ही पानी भरा जा सके.
वार्ड 55 के अंतर्गत आने वाले उषा नगर क्षेत्र की गली नंबर 7 में इन दिनों जल संकट विकराल रूप धारण किए हुए है. क्षेत्र में नर्मदा जल की सप्लाई पूरी तरह बंद है, जिससे रहवासियों को पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है. नगर निगम द्वारा एक छोटा पानी का टैंकर भेजा जाता है, जो प्रत्येक घर में सीमित मात्रा में पानी वितरित करता है, लेकिन वह भी प्रतिदिन ना पहुंचते हुए दो-तीन दिनों में एक बार पहुंचता है. ऐसे में लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है.
क्षेत्र की इसी गली में स्थित सरकारी बोरिंग पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है. रहवासियों द्वारा करीब दस दिन पहले इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक सुधार कार्य नहीं किया गया. आधी गर्मी निकलने के बाद दूसरी गली की बोरिंग से पाइपलाइन जोड़कर घरों तक कनेक्शन तो दे दिए गए हैं, लेकिन अभी तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. हालांकि जनप्रतिनिधि और पार्षद क्षेत्र का दौरा तो करते हैं, लेकिन जल संकट का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. भीषण गर्मी के बीच लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
रहवासियों का कहना है…
पुरानी लाइन थी, चेंबर का गंदा पानी आता था, पिछले तीन महीना से ना तो बोरिंग और ना ही नर्मदा का पानी मिल रहा है. सड़क खोदकर बोरिंग लाइन डाली, लेकिन पानी नहीं मिल रहा.
-मोहम्मद आसिफ
नगर निगम के टैंकर से थोड़ा बहुत पानी मिलता है, जिससे पूर्ति नहीं होती, पानी की बहुत ज्यादा किल्लत हो रही है. आसपास के क्षेत्र में जाकर पानी लाना पड़ता है. बोरिंग लाइन भी चालू नहीं की.
– शिला परदेसी
गली में लगा बोरिंग खराब है, मुश्किल से छोटा टैंकर आता है, वह भी एक-दो दिन में, इस बोरिंग की लाइन को गर्मी से पहले ही डाल देना चाहिए, ताकि लोगों को पानी मिल जाता.
– वाहिद कुरैशी
