पांढुरना: सरकार द्वारा जिले के 437 किसानों से आज तक 26 हजार चार सौ क्विंटल से अधिक गेहूं खरीद के इन किसानों के बैंक खातों में चार करोड़ की राशि जमा भी करा दी है,अब भी सरकार द्वारा आगामी चार दिनों 28 मई तक किसानों से उपार्जन केंद्रों में गेहूं खरीदी करेंगी।
व्यापारी हुए मालामाल
गौरतलब हो कि अन्य कृषि उपज की तरह ही जिले के गेहूं उत्पादक किसानों द्वारा सरकार को अपनी यह कृषि उपज गेहूं खेतों से निकालने के बाद से ही उसे सरकार को बेचने के लिए आतुर थे,लेकिन सरकार द्वारा लगभग एक माह विलंब से गेहूं उपार्जन केंद्र शुरू कराने के चलते ही अधिकांश किसानों द्वारा मजबूरन खुले बाजारों में व्यापारियों को औने-पौने दामों में अपनी यह कृषि उपज गेहूं बेचनी पड़ी,व्यापारियों ने किसानों से यह गेंहू खरीद कर उसके 50-50 किलो के कट्टे बनाकर अवैध रूप से सीमावर्ती महाराष्ट्र प्रदेश में ले जाकर बेचते हुए खूब मुनाफा कमाया ।
जिले में 864 किसानों ने किया है विधिवत पंजीयन
विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकार को अपनी कृषि उपज गेहूं बेचने के लिए पांढुरना जिले के कुल 864 किसानों ने समय रहते ही सरकार के पोर्टल पर विधिवत पंजीयन कराया था,वहीं इन किसानों ने बार-बार उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर गेहूं कब लाना है इसकी जानकारी पुछते रहें,लेकिन विभाग के अधिकारियोंं द्वारा इन किसानों को अब तक शासन की और से कोई आदेश ही नहीं आने का रटा-रटा सा जवाब देते हुए बैरंग लौटाते रहें।
506 किसानों ने किया स्टाँल बुक
वहीं 23 मई 2026 तक जिले के 506 किसानों द्वारा सरकार को गेंहूँ बेचने हेतू किए गए स्टॉल बुकिंग के तहत इसमें से कुल 437 किसानों से कुल 26420 क्विंटल गेंहूं सरकार द्वारा खरीदी कर इन किसानों के बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 97 लाख रूपयों की राशि जमा भी करा दी गई।
28 तक किसान सरकार को बेच सकेंगे गेहूं
उल्लेखनीय हो कि सरकार द्वारा पहले 23 मई 2026 तक ही किसानों से गेंहू खरीदी करने की तिथी निर्धारित कि गई थी,लेकिन अब इसे बढ़ाकर आगामी 28 मई 2026 तक किसानों से सरकार द्वारा गेंहूं खरीदी करने के जारी किए नए फरमान का लाभ जिले के जो किसान अब तक अपनी कृषि उपज गेंहूँ किसी कारण से सरकार को नहीं बेच सकें ऐसे किसान अपनी यह कृषि उपज आगामी 28 मई तक अपने-अपने क्षेत्र के गेहूँ उपार्जन केंद्रों पर ले जाकर सरकार को बेच सकेंगे।
