न्यूयॉर्क, 24 मई (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के एक वरिष्ठ दूत ने सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को आगाह किया कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अपनी ‘परिवर्तन योजना’ पर तेजी से काम नहीं किया, तो यह क्षेत्र हमेशा के लिए तबाही के दलदल में धंस सकती है।
मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष समन्वयक रमीज अलकबरोव ने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र की स्थिति ‘लगातार नाजुक’ होती जा रही है। युद्धविराम के बाद शुरुआत में जो उम्मीद जगी थी, उसकी जगह अब रोजमर्रा की हिंसा और गहरे मानवीय संकट ने ले ली है।
उन्होंने सुरक्षा परिषद से कहा, “गाजा के लोग अब और अधिक युद्ध नहीं झेल सकते। इस भयावह स्थिति से हर कीमत पर बचा जाना चाहिए।”
इस चिंता के केंद्र में पिछले साल नवंबर में पारित प्रस्ताव 2803 है, जिसने एक अमेरिकी शांति योजना का समर्थन किया था और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल के सहयोग से इजरायली सैनिकों की वापसी की रूपरेखा तैयार की थी। इसे जमीन पर लागू करने की दिशा में प्रगति हालांकि थम सी गयी है।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ संक्रमणकालीन प्राधिकरण के तहत गाजा के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने राजदूतों को बताया कि गाजा की लगभग 80 प्रतिशत इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं। दस लाख से अधिक लोगों के पास कोई स्थायी आश्रय नहीं है। वे तंबू या अपने पूर्व घरों के मलबे और खंडहरों में रहने को मजबूर हैं।
श्री म्लादेनोव ने दो टूक शब्दों में कहा, “सुधार जैसी कोई स्थिति दिख नहीं रही है।” इस पूरे क्षेत्र में लगभग दस लाख लोगों को आश्रय सहायता की तत्काल आवश्यकता है।
गाजा और वेस्ट बैंक में करीब तीस लाख लोगों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र के समन्वय से चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की मांग वाली ‘2026 फ्लैश अपील’ को अभी तक केवल 13 प्रतिशत फंड ही मिल पाया है। राहत सामग्री ले जाने वाले काफिलों को अब भी चेकपॉइंट पर रोका जा रहा है। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और आवश्यक सामान की आपूर्ति पर प्रतिबंध जारी हैं।
श्री म्लादेनोव ने प्रस्तावित रूपरेखा को पारस्परिकता पर आधारित बताया। इसके तहत एक पक्ष के उठाये जाने वाले हर कदम के बदले दूसरे पक्ष को भी उसी रूप में जवाब देना होगा। हथियारों के सवाल पर उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि हमास और अन्य सशस्त्र समूहों को अंततः निशस्त्रीकरण करना होगा, लेकिन इसके लिए उन्हें इजरायल को कुछ भी सौंपने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके हथियार गाजा के प्रशासन के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय समिति को हस्तांतरित किये जायेंगे।
उन्होंने कहा, “किसी भी फिलिस्तीनी सशस्त्र समूह को इजरायल को हथियार सौंपने की आवश्यकता नहीं होगी।” योजना के तहत इजरायली सैनिकों की वापसी चरणों में होगी, जो हथियारों को नष्ट किये जाने की प्रमाणित प्रगति और एक स्थिरीकरण बल की तैनाती से जुड़ी होगी।
श्री म्लादेनोव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आगे कोई प्रगति न होने की स्थिति में वर्तमान जर्जर यथास्थिति हमेशा के लिए स्थायी रूप ले लेगी। उन्होंने आगाह किया, “बच्चों की एक और पीढ़ी तंबुओं में, डर के साये में बड़ी होगी, जहां उनके लिए निराशा महसूस करना ही सबसे स्वाभाविक बात होगी।”
गाजा से इतर, रमीज अलकबरोव ने वेस्ट बैंक में तनाव के तेजी से बढ़ने की ओर इशारा किया। इजरायली योजना प्राधिकरणों ने हाल ही में 2,200 से अधिक नये बस्तियों के आवासों को हरी झंडी दी है, जबकि इस साल फिलिस्तीनी समुदायों पर इजरायली निवासियों के हमलों में काफी तेजी आयी है, जिसमें लगभग 220 समुदायों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा के कारण पूरे के पूरे समुदाय पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने पूर्वी यरुशलम के शेख जर्राह में ‘यूएनआरडब्ल्यूए’ परिसर को पहले जब्त किये जाने के बाद अब उसे लेकर इजरायल सरकार की योजनाओं पर भी गहरी चिंता जतायी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस कदम की ‘कड़े शब्दों में निंदा’ की है।
