जबलपुर: देश में कृषि बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जबलपुर में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी राघवेंद्र सिंह के निर्देशन में कटंगा स्थित विंध्य भवन (टी.वी. टावर के पास) में आयोजित की गई।
कार्यशाला के दौरान विषय-विशेषज्ञों ने उपस्थित कृषकों, व्यापारियों और उद्यमियों को योजना की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त संचालक कृषि के. एस. नेताम, मंडी बोर्ड जबलपुर के संयुक्त संचालक मोहम्मद शाहिद खान, कृषि इंजीनियरिंग जबलपुर के वीर सिंह मस्कोले, भोपाल से आए एआईएफ के प्रवक्ता गोविंद शर्मा एवं डॉ. निरंजन ने मंच से महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना का मुख्य उद्देश्य देश में फसल कटाई के बाद के प्रबंधन (पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट) को सुधारना, कम्युनिटी फार्मिंग एसेट्स का निर्माण करना और कृषि क्षेत्र को आधुनिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। कार्यशाला में विभागीय अधिकारी- कर्मचारी, प्रगतिशील किसान, व्यापारी व उद्यमी शामिल हुए। इस कार्यशाला को सफल बनाने में कृषि उपज मंडी सचिव आर. के. सैय्याम सहित किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यान विभाग, एवं उद्योग विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
