नयी दिल्ली, 23 मई (वार्ता) कांग्रेस ने सरकार के आत्मनिर्भरता के दावों को खोखला बताते हुए कहा है कि सरकार जो कहती है वह हकीकत नहीं होता और यही वजह है कि आत्मनिर्भरता के उसके दावों के बावजूद देश की निर्भरता आयातित कच्चे तेल, रसोई गैस (एलपीजी) और प्राकृतिक गैस पर लगातार बढ़ रही है।
कांग्रेस के शोध विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राजीव गौड़ा तथा पार्टी नेता डॉली शर्मा ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार लगातार आत्मनिर्भर भारत का दावा करती रही, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस के आयात पर पहले से अधिक निर्भर हो गया है तथा ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में सरकार विफल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की बात करती रही, लेकिन घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन घटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2005 में गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) द्वारा कृष्णा-गोदावरी बेसिन में बड़े गैस भंडार मिलने का दावा किया था, लेकिन बाद में यह दावा खोखला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि बाद में जीएसपीसी का ओएनजीसी में विलय किया गया, जिसे कांग्रेस ने बड़ा आर्थिक मामला बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अग्रिम खरीद (फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट) और मूल्य जोखिम को नियंत्रित करने जैसे उपाय नहीं अपनाए गए, जिसका बोझ अब आम जनता को ईंधन मूल्य वृद्धि के रूप में उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता की कमी का असर उर्वरकों की कीमतों पर भी पड़ा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ा है। उनका कहना था कि सस्ते कच्चे तेल के दौर में सरकार और तेल कंपनियों ने लाभ कमाया, लेकिन उसका फायदा आम उपभोक्ताओं को नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि नेपाल, मलेशिया, आयरलैंड और थाईलैंड जैसे कई देशों ने ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए करों में राहत और सब्सिडी जैसे कदम उठाए, जबकि भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
