
खंडवा। छनेरा नया हरसूद नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस समर्थित वार्ड-10 के पार्षद अर्जुन सिंह राजपूत ने अपनी ही पार्टी के नगर परिषद अध्यक्ष मुकेश सुंदरलाल वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मंगलवार से एसडीएम कार्यालय हरसूद के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
पार्षद अर्जुन सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद में निर्माण कार्यों, खरीदी और भुगतान में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ साल में वे 24 से अधिक शिकायतें सीएमओ, एसडीएम, कलेक्टर, नगरीय प्रशासन विभाग, मंत्री और मुख्यमंत्री मोहन यादव तक कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद ने आरोप लगाया कि सौर ऊर्जा पोल बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। साथ ही वेल्डिंग, मोटर रिपेयरिंग, मुरूम सप्लाई और जेसीबी उपयोग के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए निकाले गए। मच्छरनाशक छिड़काव और फॉगिंग के नाम पर भी भुगतान होने का आरोप लगाया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद निधि से निजी कॉलोनियों में सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं विकसित कराई गईं, जबकि नियमानुसार यह खर्च कॉलोनाइजर को उठाना चाहिए था।
अर्जुन सिंह राजपूत का कहना है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने के बाद परिषद बैठकों में उन्हें पद से हटाने का दबाव बनाया गया। उन्होंने प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि अनशन के दौरान कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद अध्यक्ष और प्रशासन की होगी। वहीं मामले ने नगर परिषद की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
