
बैतूल। अपर रेस्ट हाउस में शनिवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने मध्यप्रदेश पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से जुड़े श्रमिकों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों, श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और श्रम विभाग के साथ बैठक की। बैठक में मजदूरों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान डब्ल्यूसीएल में कार्यरत मजदूरों के खातों में वेतन जमा होने के बाद ठेकेदारों द्वारा नगद राशि वापस लेने की शिकायत सामने आई। इस पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्राथमकी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय मानव संसाधन अधिकारियों को भी जिम्मेदारी तय करते हुए ऐसी शिकायतों पर तुरंत नोटिस जारी करने को कहा।
कलेक्टर सोनवणे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी श्रमिक को बिना उचित कारण दबाव बनाकर काम से न हटाया जाए। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता बताते हुए सभी ठेकेदारों को समय पर वेतन भुगतान और वेतन पर्ची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बालाजी एंटरप्राइज ने एमपीपीजीसीएल सारणी के श्रमिकों के लंबित एरियर का भुगतान चेक के माध्यम से करने का आश्वासन दिया। इस दौरान क्षेत्रीय योजना अधिकारी पाथाखेड़ा डब्ल्यूसीएल लक्ष्मीकांत चंद्रवंशी और एमपीजीसीएल के चीफ इंजीनियर एसके लिल्होरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
