अमेरिका ने नए इमिग्रेशन नियम लागू किए हैं। अब अस्थायी वीजा वाले लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए अपने देश वापस जाना होगा। यह ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ प्रक्रिया में बड़ा बदलाव है।
अमेरिकी सरकार ने अपनी इमिग्रेशन नीतियों में बहुत ही बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत अब विदेशी नागरिकों को आवेदन के लिए अपने स्वदेश वापस लौटना होगा। जो लोग अस्थायी वीजा पर अमेरिका में हैं, वे अब सीधे वहां ग्रीन कार्ड नहीं पा सकेंगे। यह नियम पहले से रह रहे लाखों लोगों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
अब अमेरिका में रहते हुए परमानेंट रेजिडेंसी के लिए आवेदन करना बहुत ज्यादा मुश्किल हो गया है। ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ को अब पूरी तरह से केवल एक असाधारण राहत का नया रूप दे दिया गया है। यह नियम उन सभी छात्रों, पर्यटकों और अस्थायी कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा। 22 मई 2026 को जारी इस कड़े नियम से विदेशी प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
कानून में बदलाव का मूल इरादा
यूएससीआईएस के प्रवक्ता जैक काहलर ने सरकार की इस नई और सख्त नीति को स्पष्ट किया है। उनका कहना है कि इस बड़े बदलाव से कानून के मूल इरादे को वापस लाया जा रहा है। इससे इमिग्रेशन प्रणाली से जुड़ी खामियों और अवैध रूप से रुकने पर कड़ाई से लगाम लगेगी।
नई नीति के अनुसार ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ प्रक्रिया अब पूरी तरह से हमेशा के लिए बंद नहीं हुई है। हालांकि इसे अब बहुत सीमित कर दिया गया है और यह मात्र एक असाधारण राहत मानी जाएगी। केवल विशेष परिस्थितियों में ही अमेरिका में रहकर आवेदन करने की खास अनुमति मिल सकेगी।
अवैध प्रवासियों पर लगेगी लगाम
जैक काहलर ने स्पष्ट रूप से बताया कि अस्थायी कामगारों को वीजा खत्म होने पर वापस लौटना होगा। इससे आवेन खारिजद होने के बाद अमेरिका में अवैध रूप से छिपने वालों की संख्या भारी घटेगी। ऐसे लोगों को खोजना और उन्हें वापस भेजने की बड़ी समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी। इस नए इमिग्रेशन बदलाव से यूएससीआईएस का काफी सारा बड़ा प्रशासनिक बोझ भी निश्चित कम हो जाएगा। अब अधिकांश मामलों को विदेश में मौजूद अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के माध्यम से बहुत निपटाया जाएगा।
इससे एजेंसी मानवीय मामलों और अन्य जरूरी प्राथमिकताओं पर अपना विशेष ध्यान केंद्रित कर सकेगी। अमेरिकी एजेंसी का मुख्य ध्यान अब हिंसक अपराधों और मानव तस्करी के पीड़ितों पर केंद्रित रहेगा। इसके साथ ही नागरिकता या देशीकरण के लंबित आवेदनों को भी अब बहुत तेजी से निपटाया जा सकेगा। इस नई और सख्त व्यवस्था से पूरी इमिग्रेशन आवेदन प्रक्रिया में बहुत बड़े सकारात्मक बदलाव आने की पूरी उम्मीद है।
