नीरज कुमार मिश्रा भोपाल। पुलिस कमिश्नर भोपाल संजय कुमार पदभार ग्रहण करने के बाद लगातार शहर के सभी थाना क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. जनसंवाद करते हुए पुलिस कमिश्नर लोगों को जागरुक करते हुए अपराध से बचाव को लेकर संकल्प भी दिला रहे हैं. उनके सकारात्मक रवैए से अब जनता और पुलिस के बीच कम्युनिकेशन गैप’ कम होता दिखाई दे रहा. शहर में लोगों की सुरक्षा को लेकर कमिश्नर कार्यालय की तरफ से विशेष मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है. फरियादी या शिकायतकर्ता सीधे तौर पर संबंधित नंबर पर काल कर गुप्त सूचना भी दे रहे हैं. सूचना के आधार पर भोपाल पुलिस कार्रवाई भी कर रही है. पुलिस कमिश्नर के लोगों के बीच में जाने से कितना असर हुआ है. इस पर उनसे खास बातचीत की गई.
सवाल: राजधानी में रात के समय जनसंवाद के माध्यम से जनता और पुलिस के बीच क्या ‘कम्युनिकेशन गैप’ कम हुआ है.
जवाब- पुलिस के जनसंवाद करने से लोगों के बीच में ‘कम्युनिकेशन गैप’ कम होता है. इसका असर दिखाई भी देता है. लोग सीधे तौर पर अधिकारियों को अपने सुझाव भी देते हैं और मामलों में कार्रवाई भी की जाती है.
सवाल : शहरभर में असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए आपने किस तरह से विशेष पेट्रोलिंग व्यवस्था को तैनात किया है.
जवाब- पुलिस सभी इलाकों में पेट्रोलिंग करती है. इसके साथ ही लोगों की सहायता के लिए कमिश्नर कार्यालय की तरफ से नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर शहर के लोग गुप्त सूचना देते हैं. थानों में क्यूआर कोड़ चस्पा किए गए हैं. 112 नंबर पर लोग समस्याओं से संबंधित जानकारियां शेयर करते हैं.
सवाल : शहर में लगातार रात्रि आपके दौरे से निगम अमला भी सक्रिय हो गया है. शहर के जिन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट बंद होती थी और सुधार में समय लगता था.
जवाब- जनसंवाद को नगर निगम ने भी संज्ञान में लिया है. स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्थाओं को शहरभर में ठीक कराया गया है.
सवाल : भोपाल के थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने और वर्कलोड को संतुलित करने के लिए लागू किए गए ‘टू-आईसी मॉडल’ का क्या असर है.
जवाब- शहर के कई बड़े थानों में ‘टू-आईसी मॉडल’ संचालित है. इसके बेहतर रिजल्ट भी सामने है. इससे अधिकारियों पर भी काम का दबाव कम पडेगा.
सवाल : ‘कमिश्नर एट नाइट’ बैठकों के दौरान नागरिकों को कैसे जागरूक किया जा रहा है.
जवाब- लोगों को ट्रैफिक नियमों और साइबर क्राइम से बचाव को लेकर जागरुक किया जाता है. इसके साथ ही लोगों को संकल्प दिलाकर सुरक्षित रहने की जानकारी दी जा रही है.
