नयी दिल्ली, 21 मई (वार्ता) कोरियाई कल्चरल सेंटर, इंडिया ने दक्षिण कोरिया के सोल स्थित वर्ल्ड ताइक्वांडो मुख्यालय (कुक्कीवोन) की भारत की शाखा के साथ मिलकर 2026 एलीट आफ्टर-स्कूल ताइक्वांडो शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत देश के प्रमुख स्कूलों के लगभग 2600 युवाओं को कार्यक्रम में शामिल किया जायेगा। सेंटर की गुरुवार को यहां विज्ञप्ति के अनुसार हाल ही के भारत-कोरिया द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हुए समझौते (एमओयू) के तहत तय किया गया था कि दोनों देश खेल और संस्कृति के आदान-प्रदान को बढ़ायेंगे। सेंटर के अनुसार भारत और कोरिया के बीच खेल सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। इस साल की योजना केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ध्यान इस बात पर है कि पाठ्येतर शिक्षा की गुणवत्ता कैसे बेहतर बनाई जाये। सेंटर ने ऐसे स्कूल चुने हैं, जो ताइक्वांडो को अपनाने के लिए गंभीर हैं। इन स्कूलों में पाठ्येतर समय को बदलकर एक प्रीमियम चरित्र और शारीरिक फिटनेस कार्यक्रम बनाया गया है, जिसका मकसद बच्चों को वैश्विक स्तर की प्रतिभा बनने के लिए तैयार करना है।
इस साल ताइक्वांडो कक्षाओं में शामिल 25 स्कूल के करीब 2,600 छात्र दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के जाने-माने संस्थान के हैं। इस पाठ्येतर कार्यक्रम के ज़रिए छात्र न सिर्फ ताइक्वांडो की तकनीकें सीखते हैं, बल्कि कोरियाई मूल्यों जैसे शिष्टाचार, सम्मान और मज़बूत आत्मबल को भी अपनाते हैं। स्थानीय शिक्षकों ने इस पहल की तारीफ़ करते हुए कहा है कि यह युवाओं के लिए चरित्र निर्माण, भावनात्मक संतुलन और शारीरिक विकास का बेहतरीन विकल्प है, खासकर उन छात्रों के लिए जो पढ़ाई के दबाव का सामना कर रहे हैं। सेंटर के निदेशक ह्वांग इल योंग ने कहा, ” ताइक्वांडो शिक्षा, जो कोरिया का राष्ट्रीय मार्शल आर्ट और एक आधिकारिक ओलंपिक खेल है, दोनों देशों के बीच आपसी मित्रता को और गहरा करने तथा जन-से-जन आदान-प्रदान को विस्तार देने के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा। “

