कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पास बिधाननगर नगर निगम के एक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद को जबरन वसूली और डराने-धमकाने के आरोपों में बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।
बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने वार्ड नंबर 34 के पार्षद और बोरो-पांच के चेयरमैन रंजन पोद्दार को साल्ट लेक के करुणामयी बस स्टैंड इलाके में चल रहे जबरन वसूली रैकेट के सिलसिले में बिधाननगर नॉर्थ थाने की मदद से दबोचा। पुलिस ने इस मामले में पार्षद के करीबी सहयोगी राणा हलदार को भी गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक हलकों में रंजन पोद्दार को पूर्व दमकल एवं आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस का बेहद करीबी माना जाता है, जिन्हें हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने नगर निकाय भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया था। बिधाननगर कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूनीवार्ता को बताया कि , करुणामयी बस टर्मिनस और उसके आसपास के कई फेरीवालों, व्यापारियों और बस ऑपरेटरों को इलाके में अपना कामकाज जारी रखने के लिए लंबे समय से जबरन पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। पुलिस को इस संबंध में शिकायत मिली थी, जिसके बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई।
पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में राणा हलदार से पूछताछ की थी, जिसके दौरान इस जबरन वसूली नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हुए। जांचकर्ताओं के अनुसार, हलदार ने स्वीकार किया कि यह अवैध वसूली पार्षद रंजन पोद्दार के निर्देशों पर की जा रही थी और इस रकम का एक हिस्सा सीधे उन तक पहुंचता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या फेरीवालों और ट्रांसपोर्टरों से पैसे वसूलने के लिए कोई संगठित ढांचा तैयार किया गया था और क्या इस रैकेट में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। दोनों आरोपियों को गुरुवार को बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा।
