बोकारो, 20 मई (वार्ता) झारखंड में बोकारो जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले की करीब 980 मेडिकल दुकानें बंद रहीं।
यह बंदी ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और भारी छूट के विरोध में आयोजित की गई। राज्य संगठन के निर्देश पर हुए इस आंदोलन का असर पूरे जिले में देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं, जिससे आम लोगों को दवाएं खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
एसोसिएशन के सचिव सुजीत चौधरी ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर पारंपरिक दवा दुकानों के अस्तित्व पर संकट पैदा कर रही हैं। उनका कहना है कि स्थानीय मेडिकल स्टोर नियमों का पालन करते हुए दवाएं बेचते हैं, जबकि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के दवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे न केवल छोटे व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
बंदी के कारण बोकारो जिले में प्रतिदिन होने वाले लगभग पांच से सात करोड़ रुपये के दवा कारोबार पर सीधा असर पड़ा। दवा दुकानदारों का कहना है कि यदि ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में छोटे व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त नियम बनाने और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
हालांकि, आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए कुछ स्थानों पर आवश्यक दवाओं की सीमित व्यवस्था जारी रखी गई थी। बंदी को जिलेभर के दवा व्यवसायियों का व्यापक समर्थन मिला और व्यापारियों ने इसे अपने अस्तित्व की लड़ाई बताया।
