नयी दिल्ली, (वार्ता) फ्यूल कंट्रोल स्विच की कथित खराबी के कारण परिचालन से बाहर किये गये एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान की नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों की मौजूदगी में अमेरिका स्थित बोइंग के संयंत्र में जांच होगी।
इस साल 02 फरवरी को एयर इंडिया की लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से बेंगलुरु आने वाली उड़ान के पायलट ने शिकायत में लिखा था कि बाईं तरफ का फ्यूल स्विच हल्का धक्का लगने से भी “रन” से “कटऑफ” पोजिशन में चला जाता है और चयनित स्थिति में सही ढंग से लॉक नहीं होता है।
इसके बाद पंजीकरण संख्या वीटी-एएनएक्स वाले विमान को परिचालन से बाहर कर दिया गया था।
बाद में बोइंग से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप डीजीसीए अधिकारियों की मौजूदगी में एयर इंडिया ने फ्यूल स्विच की जांच की थी। जांच के नतीजों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर बोइंग ने निष्कर्ष निकाला था कि फ्यूल कंट्रोल स्विच बिल्कुल सही काम कर रहा है और उसमें कोई खराबी नहीं है।
डीजीसीए के मंगलवार को जारी आदेश के बाद अब फ्यूल कंट्रोल स्विच की अमेरिका में बोइंग के संयंत्र में जांच होगी। नियामक इस मामले को लेकर इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एयर इंडिया का अहमदाबाद से लंदन जा रहा एक विमान पिछले साल 12 जून को टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वह बोइंग 787 विमान ही था। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संभवतः विमान का फ्यूल स्विच कटऑफ पोजिशन में था और जब तक पायलट को पता चला तब तक काफी देर हो चुकी थी।
