ओस्लो 19 मई (वार्ता) नार्वे की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून म्योल फ्रॉस्टाडोतिर , फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें की। श्री मोदी ने नार्वे यात्रा के दूसरे दिन तीसरे भारत-नार्डिक शिखर सम्मेलन से पहले इन देशों के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की। इन बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और अंतराष्ट्रीय महत्व के ज्वलंत विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर विदेश मंत्री डाॅ एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।
सुश्री फ्रॉस्टाडोति के साथ बैठक के बाद श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा ,” आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून फ्रॉस्टाडोतिर के साथ अत्यंत शानदार बैठक हुई। भारत, आइसलैंड के साथ अपनी मित्रता को गहराई से महत्व देता है। हमने स्वच्छ ऊर्जा, मत्स्य पालन, सतत विकास, भू-तापीय ऊर्जा, कार्बन कैप्चर एवं भंडारण सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। समुद्री अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में आइसलैंड की विशेषज्ञता प्रशंसनीय है। हमें विश्वास है कि ऐतिहासिक भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता व्यापार और निवेश संबंधों को भी नई गति प्रदान करेगा।”
सुश्री फ्रेडरिक्सन के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा,” ओस्लो में मेट्टे फ्रेडरिक्सन के साथ सार्थक बैठक हुई। पिछले कुछ वर्षों में भारत-डेनमार्क मित्रता ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जल संसाधन, स्वच्छ ऊर्जा, नौवहन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है। आने वाले वर्षों में फिनटेक, उद्योग, रक्षा, नवाचार और अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार का तालमेल देखने को मिल सकता है। मैंने डेनमार्क के पेंशन कोषों को भारत में अपने निवेश का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। हमें पूरा विश्वास है कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर बड़ा प्रभाव डालेगा।” फिनलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, नवाचार , हरित परिवर्तन (ग्रीन ट्रांज़िशन) और सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत में भारत और फिनलैंड के बीच डिजिटल साझेदारी विशेष रूप से 5जी , 6 जी और क्वांटम कंप्यूटिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना मुख्य एजेंडा रहा।
श्री मोदी और डेनमार्क के प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसेन ने नवीकरणीय ऊर्जा , व्यापार और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देश ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और रक्षा व स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। नार्डिक शिखर सम्मेलन में श्री मोदी नार्वे , स्वीडन, फिनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड के प्रधानमंत्रियों के साथ भारत और नार्डिक देशों के संबंधों के सभी पहलुओं तथा सहयोग और साझेदारियों को आगे बढाने पर चर्चा करेंगे।
पहला भारत- नार्डिक शिखर सम्मेलन में 2018 में स्टॉकहोम में और दूसरा 2022 में कोपेनहेगन में हुआ था। नार्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद श्री मोदी अपनी यात्रा के अंतिम चरण में इटली रवाना होंगे।

