नयी दिल्ली, 19 मई (वार्ता) रेलवे ने चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दक्षिणी रेलवे की 993 करोड़ रुपये लागत वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना (68 किलोमीटर) को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूचना के अनुसार यह खंड चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है। इस परियोजना पर काम पूरा होने से यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी,भीड़भाड़ कम होगी तथा माल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना व्यस्त चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम करने, समयबद्धता में सुधार लाने और परिचालन दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनका कहना था कि परियोजना से कॉरिडोर पर यात्री और माल ढुलाई दोनों को मजबूती मिलेगी, जिससे सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात सहित प्रमुख वस्तुओं के परिवहन को लाभ होगा।
रेलवे के अनुसार मौजूदा दोहरी लाइन का पूरा उपयोग हो रहा है और आने वाले वर्षों में यातायात बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। दोहरीकरण कार्य से ट्रेनों के ठहराव का समय कम होगा, समय की पाबंदी में सुधार होगा और उपनगरीय सेवाओं की आवृत्ति बढ़ेगी। यह मार्ग महिंद्रा वर्ल्ड सिटी, श्रीपेरुम्बुदुर, ओरगाडम और इरुनगट्टुकोट्टई जैसे प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्रों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल, सीमेंट और विनिर्माण उद्योगों को जोड़ता है। कांचीपुरम के निकट प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डा परियोजना भी इस मार्ग के पास स्थित है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है। रेलवे का कहना है कि इस परियोजना से उपनगरीय और माल ढुलाई संपर्क मजबूत होगा, क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय परिवहन सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

