बीजिंग | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई दूसरे दिन की शिखर वार्ता बेहद सकारात्मक रही। ट्रंप ने इस मुलाकात को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने “शानदार ट्रेड डील” की है और कई जटिल समस्याओं का समाधान निकाला है। उन्होंने अमेरिका-चीन संबंधों की प्रशंसा करते हुए इसे एक नए स्तर पर ले जाने की बात कही। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देने और आर्थिक स्थिरता के लिए एक रचनात्मक रोडमैप तैयार करने पर अपनी सहमति जताई।
बैठक के दौरान ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और चीन दोनों ही ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखने और महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स को खुला रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति में आ रही रुकावटों को दूर करना विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। दोनों नेता इस बात पर एकमत दिखे कि वैश्विक शांति के लिए खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का तत्काल समाधान निकाला जाना चाहिए।
चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे से दोनों देशों के बीच “रणनीतिक स्थिरता” वाले रिश्तों की शुरुआत हुई है। ट्रंप और जिनपिंग अगले तीन वर्षों के लिए एक साझा विजन पर सहमत हुए हैं, जिसका उद्देश्य दुनिया में शांति, समृद्धि और प्रगति लाना है। नौ साल बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के इस चीन दौरे को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के विदेश और वित्त सचिवों सहित कई दिग्गज अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने भविष्य के सहयोग की नींव रखी।

