
इंदौर. कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं आरटीओ इंदौर द्वारा यात्री बसों की सघन जांच अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 13 बसों पर कार्रवाई की गई. इनमें 11 बसें जब्त की गईं और 2 बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए. इसके अलावा 8 बसों से 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि 3 बसों से करीब 1 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना प्रस्तावित है.
यह संयुक्त कार्रवाई गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे की गई, जहां जिला प्रशासन और आरटीओ की टीम ने लोक परिवहन वाहनों की बारीकी से जांच की. जांच के दौरान बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया वसूली, अवैध पार्किंग, इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था, फायर सेफ्टी सिस्टम, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने जैसे बिंदुओं की जांच की गई. साथ ही पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी जांच की गई. अधिकारियों ने बताया कि कई बसों में फायर सेफ्टी उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जबकि कुछ बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले. कई वाहनों में मेडिकल किट भी अनुपलब्ध थी और कुछ बसें अवैध रूप से पार्किंग में खड़ी पाई गईं. कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम ओम नारायण सिंह आरटीओ प्रदीप शर्मा और उड़नदस्ता प्रभारी आकाश शितोले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
