लखनऊ, 14 मई (वार्ता) समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का गुरुवार दोपहर राजधानी लखनऊ के भैंसाकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रतीक की चिता को मुखाग्नि उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने दी।
प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया था। वह 38 वर्ष के थे। अंतिम संस्कार के समय प्रतीक के बड़े सौतेले भाई एवं समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव, चाचा शिवपाल सिंह यादव समेत परिवार के कई सदस्य मौजूद थे। अखिलेश और शिवपाल ने भी चिता पर लकड़ी रखकर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतीक यादव की दोनों नाबालिग बेटियां भी श्मशान घाट पहुंचीं और उन्होंने अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर सपा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव पूरी रात अपनी दोनों बेटियों के साथ पार्थिव शरीर के पास मौजूद रहीं। अंतिम यात्रा के दौरान हजारों समर्थक “प्रतीक यादव अमर रहें” के नारे लगाते हुए साथ चले। प्रतीक यादव पशु प्रेमी के रूप में भी जाने जाते थे। अंतिम यात्रा में उनके पार्थिव शरीर के साथ एक तस्वीर भी रखी गई थी, जिसमें वह कुत्तों और बंदर के साथ दिखाई दे रहे थे।
इससे पहले सुबह प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं शिवपाल यादव और सांसद डिंपल यादव ने भी अंतिम दर्शन किए।
प्रतीक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर छह चोटों के निशान मिले, जिनमें तीन चोटें सात दिन पुरानी और तीन एक दिन पुरानी बताई गई हैं। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक गंभीर फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों में जाकर रक्त संचार को बाधित कर देता है। बताया गया कि पिछले 13 दिनों में उन्हें दो बार हार्ट अटैक आया था। 30 अप्रैल को वह लखनऊ एयरपोर्ट पर टहलते समय भी अचानक गिर पड़े थे।
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे।
