
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस के महानिदेशक कैलाश मकवाना ने गुरुवार को 25वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ), भोपाल में आयोजित नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह में कहा कि बदलते समय में तकनीकी रूप से दक्ष और शारीरिक रूप से सक्षम पुलिस बल की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि नव प्रशिक्षित आरक्षक पुलिस संगठन की रीढ़ हैं और भविष्य में कानून-व्यवस्था तथा आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद डीजीपी ने परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। उन्होंने नव आरक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि लगभग 11 माह के कठिन प्रशिक्षण के दौरान उन्हें हथियार संचालन, दंगा नियंत्रण, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, साइबर अपराध जांच, भीड़ नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया है।
डीजीपी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, आंतरिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान ड्रोन तकनीक, सीसीटीवी निगरानी, अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
वाहिनी के कमांडेंट नागेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 जून 2025 से प्रारंभ हुआ था। उन्होंने कहा कि पहली बार साइबर अपराध और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों को औपचारिक रूप से पाठ्यक्रम में शामिल किया गया, जिससे प्रशिक्षुओं को डिजिटल पुलिसिंग के “डूज़ एंड डोन्ट्स” की जानकारी दी गई।
समारोह में नव आरक्षकों ने साइलेंट ड्रिल और योग प्रदर्शन भी प्रस्तुत किए। प्रशिक्षण में 9वीं वाहिनी रीवा के देवेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि 36वीं वाहिनी बालाघाट के हर्षित कुशवाह को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
