
छतरपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 19 के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले 15 सालों से पक्की सड़क के लिए मोहताज वार्डवासियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि डेढ़ दशक से वे मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
हर बार मिला सिर्फ आश्वासन
वार्ड वासियों ने बताया कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों में कई बार स्थानीय पार्षद, नगर पालिका अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित आवेदन दिए हैं। चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेता सड़क बनवाने का वादा तो करते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही वार्ड की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। आलम यह है कि सड़क न होने से बारिश के दिनों में यह इलाका टापू बन जाता है और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
कलेक्टर से की सड़क डलवाने की मांग
सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे वार्ड वासियों ने आवेदन देते हुए कहा कि सड़क न होने से न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि इमरजेंसी के समय एंबुलेंस और अन्य वाहन भी मोहल्ले के भीतर नहीं आ पाते। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
